गिरिडीह : साइबर अपराध की घटना अब एक बार फिर से नए रूप में पनपने लगी है। धंधे में संलिप्त अपराधी लिक भेजकर उसके ब्लू लाइन को टच कराकर लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं और पलक झपकते ही खातों से राशि टपाने में सफल हो रहे हैं। किसी को नौकरी देने के नाम पर तो किसी को पूर्व कंपनी में काम करने के बकाया मानदेय भुगतान करने तो किसी को सस्ते दर पर महंगा मोबाइल ऑनलाइन उपलब्ध कराने का प्रलोभन देकर अपने बिछाए जाल में फंसाकर ठगी करने लगे हैं। बकाया सैलरी मिलने की बात कह टपाया पैसा : साइबर अपराधियों ने आइआरबी में तैनात एक महिला सिपाही को ठगी का शिकार बनाया। पीड़िता सरकारी नौकरी में आने के पहले एक निजी कंपनी में काम करती थी। इसी क्रम में उसकी आईआरबी में नौकरी हो गई। नौकरी होने के बाद उसने एक माह का मानदेय लिए बगैर ही कंपनी छोड़ आईआरबी में ज्वाइन कर लिया। वहां उसका बारह हजार रूपये बकाया था। इसी क्रम में दो दिन पूर्व उसके पास एक कॉल आया और पहले वाली कंपनी में बकाया मानदेय के भुगतान होने की जानकारी दी। इसके बाद उसके नंबर पर एक लिक भेजा और उसे टच करने बोला। इस लिक को टच करने के बाद उसके खाते से 52 हजार रुपया साइबर अपराधियों ने टपा लिए।

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महंगे मोबाइल को सस्ता लेने के चक्कर में फंसा

महंगे कीमत की मोबाइल को ऑनलाइन सस्ते दर पर खरीदने के लालच में एक युवक तीन बार में 10346 रूपये गवां बैठा। युवक किशन कुमार रवानी मुफस्सिल थाना क्षेत्र के राजेन्द्र नगर का रहनेवाला है। युवक के पास 23 जून को इंडियन आर्मी के नाम से एक कंपनी में सस्ते दर पर ऑनलाइन मोबाइल उपलब्ध कराने को लेकर लिक आया। इस लिक को टच करने के बाद ऑनलाइन 350 रूपये जमा कर पंजीकरण कराने को कहा गया। युवक ने लिक को टच कर दिया और क्रमश: 350 रूपये, 3799 रूपये, 1199 रूपये व 4998 रूपये एक खाते में 24 जून को जमा कर दिया। जिस खाते में रूपये ट्रांसफर किया गया वह खाता नोएडा की एक शाखा का है। ऑनलाइन पेंमेंट जमा करने के बाद निकाली गई प्रिट में इंडियन आर्मी लिखा हुआ है। साथ ही नंबर नो ट्रेकिग भी अंकित है। पीड़ित युवक ने साइबर थाने में आवेदन देकर इसकी शिकायत की है।

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नौकरी दिलाने के बहाने जाल में फंसाकर ठगा : मुख्यमंत्री जनसंवाद केन्द्र रांची में तीन साल तक काम करनेवाला पांडेयडीह निवासी प्रणय कुमार पाठक को नौकरी दिलाने का प्रलोभन देकर ठगी का शिकार बनाया। पीड़ित को मोबाइल पर एक मैसेज भेजकर ओसी टेक्नोलॉजी में डाटा इंट्री के पद पर नौकरी देने की बात कही गई। एक लिक भेजकर उसे टच करने व 6900 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करने को कहा गया। पीड़ित ने नौकरी के लालच में ऐसा कर दिया। उसके बाद उससे 28 हजार रुपये की मांग की जाने लगी। ऐसा नहीं करने पर जेल भेजने की धमकी भी दी गई। पीड़ित ने थाने में इसकी शिकायत करते हुए न्याय की गुहार लगाई है।

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लाटरी या लिक के चक्कर में फंसने से बचने की अपील

साइबर अपराध में संलिप्त लोग रोज नए-नए तरीकों से लोगों के खाते से जमा राशि को टपाने में लगे हैं। ऐसे में अपने खाते व एटीएम से संबंधित कोई जानकारी किसी को भी नहीं दें। उक्त अपील दैनिक जागरण से बात करते हुए साइबर डीएसपी संदीप सुमन समदर्शी ने की है। कहा है कि लाटरी में भाग्यशाली बनने या नौकरी दिलाने के अलावा अन्य प्रलोभन देकर इन दिनों साइबर अपराधी लिक भेजकर उसे टच करने का दबाव देते हैं। ऐसे प्रलोभनों में फंसकर लोग अपनी मेहनत की कमाई गवां रहे हैं। लोगों से अपील है कि कोई लिक टच न करें और अनजान नंबर से खाते व एटीएम के बारे में अगर कॉल आए तो पुलिस को तत्काल इसकी जानकारी दें।

Edited By: Jagran

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