प्रभात कुमार सिन्हा, गिरिडीह : साइबर अपराध से अकूत संपत्ति अर्जित कर आलीशान घर बनाने वाले साइबर आरोपित मंटू मंडल की संपत्ति जब्त करने के लिए पूरे मामले को प्रवर्तन निदेशालय को सौंपने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। ऐसे में साइबर अपराध कर मोटी संपत्ति बनाने वाले अन्य आरोपितों के मामले को भी ईडी को सौंपा जाएगा।

साइबर पुलिस उपाधीक्षक संदीप सुमन समदर्शी ने बताया कि गत 17 जून की रात को गिरिडीह-गांडेय पथ पर महेशमुंडा बजरंगबली चौक के समीप रहने वाले मंटू मंडल को गिरफ्तार किया गया था। उसने साइबर अपराध के मामले में सबको पीछे छोड़ते हुए करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित की है। उसी संपत्ति में से महेशमुंडा के पास करीब पचास लाख रुपये कीमत की जमीन पर एक करोड़ से अधिक की लागत से आलीशान घर व विलासिता की संपत्ति बनाई है। वैसे तो साइबर अपराध के माध्यम से उसके द्वारा अर्जित की गई संपत्ति का पूरा ब्यौरा खंगाला जा रहा है, लेकिन अब तक जो संपत्ति का डिटेल हासिल हुआ है उसके आधार पर पूरे मामले को ईडी को सौंपने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इसके अलावा आरोपित राजेश मंडल ने भी साइबर अपराध से खूब संपत्ति अर्जित की है जिसका साक्ष्य भी मोबाइल खंगालने से मिल चुका है। इसके मामले को भी प्रवर्तन निदेशालय को सौंपने की कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा कुछ अन्य साइबर आरोपितों को चिन्हित किया जा चुका है और कुछ को चिन्हित करते हुए उनकी संपत्ति का डिटेल हासिल किया जा रहा है। पूरा डिटेल उपलब्ध हो जाने के बाद कुछ और चिन्हित किए गए साइबर अपराधियों का संपत्ति जब्त करने को लेकर प्रवर्तन निदेशालय को पूरा मामला सौंप दिया जाएगा। बताया कि ईडी को मंटू व राजेश की संपत्ति जब्त करने को लेकर मामले को सौंपने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। चार्ज सीट से लेकर अन्य दस्तावेजों को तैयार करने की दिशा में काम किया जा रहा है। ईडी को मामला सौंपने के लिए दोनों के विरूद्ध पर्याप्त साक्ष्य भी पुलिस के पास उपलब्ध है।

गौरतलब है कि साइबर अपराध पर लगाम लगाने को लेकर साइबर डीएसपी के नेतृत्व में छापेमारी कर पांच दिन के अंदर गांडेय, ताराटांड़, डुमरी व अहिल्यापुर समेत जामताड़ा के दो दर्जन आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। इसमें प्रधानमंत्री अवार्ड से सम्मानित गांडेय की दासडीह पंचायत के मुखिया हरि मंडल भी शामिल हैं।

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