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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 29, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

वाहन पर ऊंट चढ़ाने के दौरान पोकलेन के दो चालकों की करंट से मौत

By Sachin MishraEdited By:
Published: Tue, 29 Aug 2017 12:07 PM (IST)Updated: Wed, 30 Aug 2017 12:39 PM (IST)

सभी ऊंटों को कड़ी सुरक्षा के बीच घोड़थांबा से 15 किमी दूर राजधनवार लाया गया।

वाहन पर ऊंट चढ़ाने के दौरान पोकलेन के दो चालकों की करंट से मौत
वाहन पर ऊंट चढ़ाने के दौरान पोकलेन के दो चालकों की करंट से मौत

जागरण संवाददाता, गिरिडीह। पशु क्रूरता रोकथाम अधिनियम के तहत प्रशासन द्वारा घोड़थंबा (गिरिडीह, झारखंड) में जब्त सभी ऊंटों को देखभाल के लिए दिल्ली की एनजीओ गो ज्ञान फाउंडेशन को देने का आदेश मंगलवार को न्यायिक दंडाधिकारी एसके महाराज की अदालत ने दिया है।

अदालत का फैसला आने के बाद मंगलवार देर रात करीब साढ़े बारह सभी ऊंटों को कड़ी सुरक्षा के बीच घोड़थांबा से 15 किमी दूर राजधनवार लाया गया। एसडीओ, एसडीपीओ के नेतृत्व में पूरी पुलिस टीम थी मौजूद। यहां से ऊंटों को ट्रक से राजस्थान ले जाने की तैयारी की जा रही है। अदालत के फैसले को देखते हुए अल्पसंख्यक समाज ने ऊंटों को ले जाने का विरोध नहीं किया। अदालत ने दिल्ली की एनजीओ गौ ज्ञान फाउंडेशन को देखभाल के लिए ऊंटों को जिम्मा दिया है। बकरीद में कुर्बानी के लिए इन ऊंटों को लाया गया था।

इस बीच, राजधनवार में ऊंटों को वाहन पर चढ़ाने के क्रम में पोकलेन के दो चालकों की मौत हो गयी है। ऊंटों को अदालत की आदेश पर राजस्थान भेजा जा रहा है।⁠⁠⁠⁠

मृत दोनों चालक राजस्थान के थे। पुलिस उनके बारे में जानकारी जुटा रही है। खाली ट्रक को चालक नदी के किनारे ले गए थे। वहां थोड़ा बालू लोड कर ऊंटों को चढ़ाया जाना था। लेकिन उसके पहले ट्रक बालू में फंस गया। ट्रक निकालने के क्रम में बिजली का पोल गिर गया और दोनों चालक बिजली करंट की चपेट में आ गए। मौके पर ही दोनों की मौत हो गई।

इस मामले में अदालत में बहस सोमवार को ही पूरी हो गई थी। अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रखा था। मंगलवार को अदालत ने अपना फैसला सुनाया है। घोड़थंबा में प्रशासन ने 82 ऊंट जब्त किए थे। इनमें से अब तक 17 ऊंटों की मौत हो चुकी है। एक संप्रदाय विशेष के लोगों ने त्योहार में कुर्बानी देने के लिए इन ऊंटों की खरीदारी की थी।

ऊंटों की जब्ती का वे लोग कड़ा विरोध कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के डोकथ थाना क्षेत्र के भारल गांव निवासी मोहम्मद रईस ने जहां जब्त किए गए ऊंटों पर अपना मालिकाना हक जताते हुए उसे रिलीज करने के लिए याचिका दायर की थी, वहीं पशुओं के लिए काम करने वाली दिल्ली की एनजीओ की ओर से उसकी वोलेंटियर आरती टंडन ने इन ऊंटों की देखभाल की जिम्मेदारी देने के लिए अदालत में याचिका दायर की थी।

पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में ऊंटों की सही देखभाल के लिए उक्त एनजीओ को देने की सिफारिश की थी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने मंगलवार को अपना फैसला सुनाया। आरती टंडन ने बताया कि इन ऊंटों को उनकी संस्था केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी की सरोही (राजस्थान) स्थित सेवा केंद्र ले जाएगी। ट्रकों से इन्हें ले जाया जाएगा।

गिरिडीह जिला प्रशासन एवं पुलिस के सहयोग की उन्होंने सराहना की। इसके अलावा बगोदर में जब्त 14 ऊंटों को भी राजस्थान भेजा जाएगा। अदालत ने सोमवार को ही उन ऊंटों को उनकी एजेंसी को देने का आदेश जारी किया था। जिला प्रशासन ने इन ऊंटों को भेजने के लिए सुरक्षा का कड़ा प्रबंध किया है। उपायुक्त उमाशंकर सिंह ने बताया कि सभी ऊंटों को जल्द से जल्द राजस्थान भेजने की व्यवस्था की जाएगी। ऊंटों की देखभाल एवं सुरक्षा के लिए वहां 200 से अधिक लोग लगे हुए हैं।

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