गावां (गिरिडीह): इस समय पूरा देश कोरोना महामारी से जंग लड़ रहा है। पूरे देश में लॉकडाउन घोषित कर उसे तीन बार बढ़ाया गया है। लॉकडाउन के कारण कई लोगों के काम-धंधे बंद हो गए हैं। कुछ लोग तो पूरी तरह बेरोजगार हो गए हैं जिनके समक्ष दो वक्त के भोजन की व्यवस्था करना मुश्किल हो गया है। मध्यमवर्गीय ऐसे लोग जो ठेला पर चाट, गुपचुप, फास्टफूड, चाय, नाश्ता बेचकर रोज कमाते खाते थे उनकी स्थिति दिनोंदिन खराब होती जा रही है। कुछ ऐसा ही हाल ऑटो छोटे सवारी वाहन चलानेवाले लोगों का भी है। इन सब के बीच गावां के कुछ दुकानदार हैं जिन्होंने हालात से समझौता कर कोरोना महामारी के जंग में अपने आप को उसके अनुरूप ढाल लिया है। उनलोगों ने अपना काम धंधा बदलकर अपनी जीविका चलाने की ठान ली है। गावां बाजार स्थित फास्टफूड की दुकान चलानेवाले पंकज राम का कहना है कि शुरुआत में लगा कि कोरोना से जल्द ही मुक्ति मिल जाएगी और लॉक डाउन खत्म हो जाएगा। अब लगता है कि इसके खिलाफ लंबी लड़ाई लड़नी है तो फास्ट फूड की दुकान अभी खुलेगी नहीं तो धनवार से सब्जी लाकर उसे बाजार में बेच जीविका चलाने लगे हैं।

हार्डवेयर दुकान के मंटू स्वर्णकार का कहना है कि गावां बाजार में उनकी बर्तन व हार्डवेयर की दुकान है। लॉकडाउन होने से काफी दिन तक दुकान बंद रही जिससे उसे परेशानी होने लगी थी। तब सब्जी बेचने का धंधा शुरू कर लिया है जिससे परिवार चलाना आसान हो गया है।

ऑटो मालिक सह चालक कारू बरनवाल का कहना है कि कोरोना की लड़ाई में हम सभी को सरकार का साथ देना है। इसके लिए सरकार के निर्देश का पालन कर रहा हूं। लॉकडाउन के बाद ऑटो चलना बंद हो गया जिससे उसकी परेशानी बढ़ गई थी। अब उसी ऑटो से सब्जी लाकर मास्क पहनकर घूम घूमकर बेचता हूं जिससे आराम से परिवार का भरण पोषण हो रहा है।

Posted By: Jagran

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