संस, निमियाघाट (गिरिडीह): डुमरी प्रखंड अंतर्गत असुरबांध पंचायत के पोरदाग शिव मंदिर में बुधवार को भोक्ता पर्व मनाया गया। इसे लेकर मेले का आयोजन किया गया। कई भक्तों ने अपनी पीठ, जीभ व भुजाओं में लोहे की कील चुभोई। कई भक्त दहकते अंगारे पर नंगे पांव चले और अंगारों को हाथ से उठाकर अपने शरीर पर मल शिवभक्ति की अद्भुत मिसाल पेश की। भोलेनाथ के भक्त अपने शरीर के विभिन्न हिस्सों में लोहे की कील घोंपकर लगभग 50 फीट ऊपर लकड़ी के खंभे के सहारे खूंटे पर झूलते नजर आए।

इसके पहले भक्तों ने स्नान कर मंदिर में पूजा अर्चना की। पुरोहित ने कांटे का संकल्प दिलाया। लोहे की हुक चुभोने के बाद सभी ढोल नगाड़ों की थाप पर नाचते गाते खूंटा तक पहुंचे। वहां पंक्तिबद्ध तरीके से सभी खूंटे पर झूलते नजर आए। यह प्रक्रिया होने के बाद सभी ने खूंटे को गले लगाकर आशीर्वाद पाया। इस व्रत को रख रहे शिवदयाल सिह, संतोष साव, रामू रविदास, अयोध्या सिंह आदि ने बताया कि कई दशकों से पारंपरिक रूप से इस पर्व को मनाया जा रहा है। जो भी भक्त मन्नत मांगते हैं, उसे शिव पार्वती जरूर पूरा करते हैं। भगवान की कृपा से शरीर में चुभे हुक से दर्द नहीं होता। बाद में किसी प्रकार का जख्म भी नहीं होता। भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए ऐसा किया जाता है।

मेले का उद्घाटन असुरबांध की मुखिया खुशबू देवी, दिलीप कुमार व मुन्नीलाल महतो ने संयुक्त रूप से किया। इस आयोजन में निर्मल हरिजन, श्यामलाल साव, जगदीश बाउरी, उमापद नायक आदि जुटे थे।

Posted By: Jagran

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