जागरण संवाददाता, गिरिडीह : कोरोना संक्रमण से बचने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयास तारीफ योग्य है। इस संक्रमण के साइकिल को तोड़ना ही इसका तत्काल इलाज है। कोरोना से लड़ने के लिए हमारे देश में पर्याप्त मात्रा में संसाधन नहीं हैं। सतर्क रहकर ही इस महामारी के जंग को जीता जा सकता है। लॉकडाउन की स्थिति में पुलिस सजग है पर गरीब परिवार पर आफत भी है। रोज कमाने खानेवालों के लिए अभी एक विकट समस्या खड़ी हो गई है। सरकार ने अपने स्तर से इन गरीबों के लिए भोजन की व्यवस्था भी की है। इसका लाभ कहां तक मिल पा रहा है, इस विषय पर दैनिक जागरण के साथ अधिवक्ताओं ने अपनी राय साझा की। कोरोना संक्रमण से बचने के लिए लॉकडाउन जरूरी था पर इससे गरीब परिवार के पास भीषण संकट खड़ा हो गया है। लोगों को खाने पीने के लिए जंग लड़ना पड़ रहा है। सरकार गरीब परिवार के साथ सामान्य परिवारों को भोजन उपलब्ध कराए।

विनोद यादव, वरीय अधिवक्ता, गिरिडीह। लॉकडाउन की स्थिति में भगदड़ मचानेवाले लोग सक्रिय हैं जिससे पुलिस को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस आम जनता को राहत पहुचाएगी या इन समाज के दुश्मनों से निपटेगी। इस महामारी से बचने के लिए सरकार का साथ देना जरूरी है।

-मनीष कुमार वर्मा, अधिवक्ता, गिरिडीह। -लॉकडाउन को पूरी तरह से लागू करे पुलिस। भीड़ जमा होने से ही यह संक्रमण बढ़ेगा। कुछ समाज के दुश्मन पुलिस के साथ लुका छिपी का खेल खेल रहे हैं जो बिलकुल गलत है। प्रशासन इससे कड़ाई से निपटे। गरीबों और सामान्य तबके के लोगों को जरूरत के सामान उपलब्ध कराने के लिए ध्यान दे।

मुकेश सिन्हा,अधिवक्ता, गिरिडीह। -पुलिस कड़ाई करने के साथ गरीबों के पेट का भी ध्यान रखे। लॉकडाउन की स्थिति में गरीबों के साथ सामान्य लोगों की भी स्थिति खराब है। प्रशासन सभी क्षेत्रों में आम लोगों को राहत पहुंचाए।

-कमलेश्वर नारायण देव, अधिवक्ता, गिरिडीह। -लॉकडाउन की स्थिति में कालाबा•ारी करने वाले लोग सक्रिय हैं। प्रशासन आम लोगों के बीच जरूरत का सामान पहुंचाने का प्रबंध करे। साथ ही लॉकडाउन को मजाक समझ रहे लोगों को कड़ाई से निपटने के लिए पुलिस आवश्यक कदम उठाए।

--गीतेश चंद्र,अधिवक्ता, गिरिडीह। -वैश्विक माहमारी के समय मे कुछ लोग प्रशासन के लिए परेशानी का सबब बने हुए है। कुछ सड़क पर तो कुछ सोशल मीडिया में गलत संदेश देकर माहौल को खराब कर रहे हैं। पुलिस सख्ती के साथ इनसे निपटे। वहीं आम लोगो को जरूरत के अनुसार उपयोग का सामान उपलब्ध कराने का उचित प्रयास करें।

--शुभोनिल सामंता,अधिवक्ता, गिरिडीह। -पुलिस और प्रशासन की जितनी तारीफ की जाए कम है। इस भीषण संकट के समय अपनी जान को जोखिम में डालकर जनता की सेवा में लगे हैं। प्रशासन आम जनता को उसके लिए भोजन की व्यवस्था करे। समाज के सक्षम तबके के लोगों

को भी जिम्मेवारी उठानी चाहिए।

---सूरज नयन,अधिवक्ता, गिरिडीह।

Posted By: Jagran

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