देवरी : देव पहाड़ी शिव मंदिर में चल रहे रुद्र महायज्ञ को लेकर शुक्रवार रात्रि दंडी आश्रम कानपुर के स्वामी उदितानंद महाराज व मानस प्रवक्ता साध्वी सतरूपा ने प्रवचन के माध्यम से देर रात तक लोगों में भक्ति, ज्ञान व वैराग को जागृत किया। कहा कि ज्ञान-वैराग दोनों वृद्ध हो चुके हैं। ये तब वृद्ध होते हैं जब ज्ञानियों, बैरागियों व त्यागियों का आदर नहीं होता है। इसके उदाहरण दुर्वासा ऋषि हैं जिन्होंने भक्त शिरोमणि राजा अमरीश का अपमान किया था। तब उन्हें चक्र सुदर्शन भगवान का कोपभाजन बनना पड़ा था। एक वर्ष तक वे रक्षा की गुहार लगाकर भागते रहे, लेकिन कहीं उनकी रक्षा नहीं हुई। तब वे लौटकर अमरीश के पास पहुंचे व क्षमा याचना की तभी उनकी रक्षा हुई। कहा कि जब समाज में विकृति फैलती है तो सत्संग कथा के माध्यम से समाज को ज्ञानी वैरागी, योगी, तपस्वी, साधक, सिद्ध, कर्मनिष्ठ, तपोनिष्ठ, ब्रह्मनिष्ठ ही समाज को दिशा निर्देश, उपदेश, आदेश, अनुशासन आदि की शिक्षा प्रदान करते हैं।

मौके पर स्वामी गौरवानंद महाराज, मुखिया दीपक तिवारी, अभिमन्यु तिवारी, बसंत तिवारी, रामनारायण दास, विजयनंदन तिवारी, राजकुमार राम, ललन तिवारी, बच्चन पांडेय, अशोक पंडा, मुकेश राय, पंकज राय सहित कई लोग उपस्थित थे।

Posted By: Jagran

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