गावां : थाना क्षेत्र के सेरवा गांव में शुक्रवार की सुबह मनरेगा कार्य की समीक्षा करने आई टीम के साथ गांव के ही पारा शिक्षक संदीप सिंह सहित 7-8 अज्ञात व्यक्तियों ने मारपीट करते हुए उनका मोबाइल छीन लिया और मोबाइल में रखी जरूरी फाईल को हटा दिया। इसमें धमकी भी दी जिसके बाद वे गांवा पुलिस के सहयोग से किसी तरह थाना पहुंचे और सारे मामले से थाना को अवगत कराया। बताया गया कि बीआरपी, सोशल ऑडिट यूनिट झारखंड में कार्यरत गिरिडीह मुफस्सिल थाना क्षेत्र के कुरमडीह गांव निवासी रामेश्वर प्रसाद वर्मा अपने सहयोगियों के साथ मनरेगा कार्य की समीक्षा करने सैरुआ गए हुए थे। उन्होंने वहां कार्य में गड़बड़ी देखते हुए ऑडिट करने से मना कर दिया जिसके बाद वहां के स्थानीय युवा संदीप सिंह व कुछ अज्ञात लोगों ने उनके काम में बाधा डालते हुए उन पर दवाब बनाने की कोशिश की। उनके साथ मारपीट भी की जिसके बाद उन्होंने किसी तरह इसकी सूचना गावां थाना को दी और मामले को थाना में दर्ज करवाया। पुलिस ने आवेदन के आधार पर सेरूवा निवासी संदीप सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पारा शिक्षक ने कहा कि उन्हें बिना कारण फंसाया जा रहा है। वे एक पारा शिक्षक है और उन्हें इन सब से कोई मतलब नहीं है। मामले की जांच उच्च अधिकारियों से होनी चाहिए।

Posted By: Jagran

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