यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 17, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
स्कूल के विकास में बाल संसद की अहम भूमिका
गिरिडीह : सदर प्रखंड के धनयडीह में बाल अधिकार जागरूकता अभियान कार्यक्रम के तहत गुरुवार को बाल संसद क

गिरिडीह : सदर प्रखंड के धनयडीह में बाल अधिकार जागरूकता अभियान कार्यक्रम के तहत गुरुवार को बाल संसद के मंत्रियों के क्षमता विकास को लेकर कार्यशाला लगाई गई। स्वयंसेवी संस्था जागो फाउंडेशन की ओर से आयोजित कार्यशाला में विभिन्न विद्यालयों में गठित बाल संसद के मंत्रियों ने भाग लिया, जिन्हें विद्यालय विकास में बाल संसद की भूमिका के बारे में जानकारी दी गई।
परियोजना समन्वयक राजू महतो ने कहा कि विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार कई तरह के कार्यक्रम चला रही है। सरकार की कोशिश है कि सभी बच्चों को स्तरीय शिक्षा मिले। विद्यालयों को संसाधनयुक्त बनाने मात्र से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित नहीं की जा सकती। इसके लिए विद्यालयों में बाल अनुकूल परिस्थिति पैदा करनी होगी।
कार्यशाला में भाग ले रहे बच्चों ने समूह में बंटकर विद्यालयों की समस्याओं को चिह्नित किया। इस दौरान शिक्षक की कमी, बिजली, शौचालय, पेयजल, खेल का सामान, खेल का मैदान, चारदीवारी जैसी समस्याएं सामने आई। इन समस्याओं के समाधान के लिए बाल संसद और विद्यालय प्रबंधन समिति की संयुक्त बैठक करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में प्रस्ताव लेकर समस्याओं के निदान को जिला शिक्षा अधीक्षक को आवेदन दिया जाएगा। सुनील कुमार और दयाल तुरी ने बाल संसद के अधिकार एवं कर्तव्य के बारे में विस्तार से बताया। कार्यशाला में पुष्पा कुमारी, सोनी कुमारी, खुशबू कुमारी, आरती कुमारी, तन्नू कुमारी, चंपा कुमारी, रोहित कुमार यादव, सोनू कुमार वर्मा, सागर कुमार कोड़ा आदि ने भाग लिया।
