जंगली सूअर को मारने से मना करने पर दबंगों ने आदिम जनजाति के बुजुर्ग दंपति को पीटकर किया जख्मी
गढ़वा के भवनाथपुर में जंगली सूअर मारने से रोकने पर एक आदिम जनजाति के बुजुर्ग दंपति को पीटकर घायल कर दिया गया।

दंपती से पूछताछ करते वनकर्मी। (जागरण)
HighLights
जंगली सूअर के शिकार को रोकने पर बुजुर्ग दंपती पर हमला।
हमले में आदिम जनजाति की महिला की पसली टूटी।
वन विभाग ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया।
संवाद सूत्र, भवनाथपुर (गढ़वा)। भवनाथपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत कैलान गांव के झोंक टोला में जंगली सूअर को मारने से मना करने पर आदिम जनजाति के बुजुर्ग दंपती के साथ मारपीट कर घायल करने का मामला सामने आया है।
घटना बुधवार की रात की बताई जा रही है। मामले में घायल अकलू कोरबा और उनकी पत्नी नन्हकी देवी ने गांव के ही चार लोगों के विरुद्ध स्थानीय थाने में लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है।
आवेदन में मनोज बैठा, ललन बैठा, पप्पू बैठा और बबन बैठा, सभी पिता सरजू बैठा,को आरोपित बनाया गया है। अकलू कोरवा के अनुसार, बुधवार की रात उनके झोपड़ी के समीप खेत में आरोपियों ने जंगली सूअर को पकड़ने के लिए तार का फांस लगाया था।
जंगली सूअर को मारने से किया मना
इसमें फंसकर दो जंगली सूअरों को पकड़ा था। इसकी जानकारी मिलने पर वह मौके पर पहुंचे और आरोपितों से सूअर को जान से मरने से मना किया। जिस पर उक्त सभी आरोपितों ने लाठी-डंडे से उन पर हमला कर दिया।
जिससे वह और उनकी पत्नी घायल हो गए। अकलू कोरबा ने बताया कि मारपीट में उनकी पत्नी नन्हकी देवी की पसली टूट गई है। घटना के बाद दोनों घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है।
इधर घटना की जानकारी मिलने पर वन कर्मी अनूप सिंह, ओमप्रकाश उरांव, दयाशंकर सिंह, विकास कुमार,अस्पताल पहुंचकर इलाजरत दंपती से पूछताछ की।
वन कर्मियों ने मामले में आरोपितों के घर से फंदा, जंगली सूअर का मांस और औजार जब्त करते हुए वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत सुसंगत धाराओं में उक्त चारों आरोपितों के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज करने की बात कही है।
