विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

गढ़वा में भगवान भरोसे स्वास्थ्य व्यवस्था! अस्पताल से डॉक्टर और कर्मचारी गायब, व्हाट्सएप से चल रही ड्यूटी रोस्टर

Published: Tue, 27 Oct 2026 10:29 AM (IST)

रमकंडा के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खुल गई, जहां निरीक्षण के दौरान कई स्वास्थ्यकर्मी अनुपस्थित पाए गए और ड्यूटी रोस्टर व्हाट्सएप पर देखा जा रहा था।

रमकंडा पीएचसी में कई स्वास्थ्यकर्मी ड्यूटी से अनुपस्थित मिले। जागरण

रमकंडा पीएचसी में कई स्वास्थ्यकर्मी ड्यूटी से अनुपस्थित मिले। जागरण

HighLights

  1. रमकंडा पीएचसी में कई स्वास्थ्यकर्मी ड्यूटी से अनुपस्थित मिले।

  2. अस्पताल में ड्यूटी रोस्टर व्हाट्सएप पर देखा जा रहा था।

  3. अनुपस्थित कर्मियों का वेतन रोकने, एंबुलेंस ठीक करने की मांग।

संवाद सूत्र, रमकंडा (गढ़वा)। रमकंडा के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर लगातार सामने आ रही अनियमितताओं के बीच सोमवार को जिला परिषद उपाध्यक्ष सत्यनारायण यादव तथा विधायक प्रतिनिधि ज्ञान रंजन पांडेय ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिर का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान आयुष चिकित्सक डॉ. रिजवाना फरहान अनुपस्थित मिलीं। वहीं, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भी कई स्वास्थ्यकर्मी ड्यूटी से गायब पाए गए। अस्पताल में ड्यूटी रोस्टर नहीं लगाए जाने और व्हाट्सएप पर रोस्टर देखकर ड्यूटी करने की जानकारी मिलने के बाद प्रतिनिधियों ने नाराजगी जताई और व्यवस्था में तत्काल सुधार की मांग की।

व्हाट्सएप पर रोस्टर देखकर पहुंचते हैं स्वास्थ्यकर्मी

निरीक्षण के दौरान जब जिप उपाध्यक्ष व विधायक प्रतिनिधि ने अस्पताल में ड्यूटी रोस्टर नहीं लगे होने का कारण पूछा, तो ड्यूटी पर मौजूद महिला चिकित्सक ने बताया कि स्वास्थ्यकर्मी व्हाट्सएप पर रोस्टर देखकर ड्यूटी करने आते हैं। इस जानकारी के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे।

जनप्रतिनिधियों ने कहा कि अस्पताल में ड्यूटी रोस्टर ऐसी जगह पर लगाया जाना चाहिए, जहां मरीज और उनके परिजन भी आसानी से देख सकें कि किस चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी की ड्यूटी किस समय निर्धारित है।

उन्होंने कहा कि सिविल सर्जन की ओर से आश्वासन दिए जाने के बावजूद अब तक रोस्टर नहीं लगाया जाना गंभीर मामला है। रोस्टर सार्वजनिक रूप से नहीं रहने से मरीजों को ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों की जानकारी नहीं मिल पाती है। वहीं, स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति और जवाबदेही सुनिश्चित करने में भी परेशानी होती है।

अनुपस्थित कर्मियों पर कार्रवाई की मांग 

निरीक्षण के बाद मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए जिला परिषद उपाध्यक्ष सत्यनारायण यादव और विधायक प्रतिनिधि ज्ञान रंजन पांडेय ने कहा कि अस्पताल में लगातार अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं।

कभी स्वास्थ्यकर्मियों के अनुपस्थित रहने, तो कभी मरीजों को दवा उपलब्ध कराने में लापरवाही की बातें सामने आती हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग को इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए व्यवस्था दुरुस्त करनी चाहिए।

जिला परिषद उपाध्यक्ष ने कहा कि ड्यूटी से गायब रहने वाले चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने अनुपस्थित कर्मियों का वेतन रोकने की मांग करते हुए कहा कि अस्पताल की व्यवस्था पर नजर रखने के लिए लगातार निरीक्षण किया जाएगा। यदि इसके बावजूद सुधार नहीं हुआ और जिम्मेदार अधिकारियों ने कार्रवाई नहीं की, तो धरना और अनशन किया जाएगा।

खराब एंबुलेंस को ठीक कराने की भी मांग

जिला परिषद उपाध्यक्ष ने बताया कि उन्होंने अस्पताल का निरीक्षण कर खराब पड़े एंबुलेंस की स्थिति की जानकारी ली थी। इस संबंध में सिविल सर्जन से एंबुलेंस को जल्द दुरुस्त कराने का आग्रह किया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को इसका लाभ मिल सके।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में एंबुलेंस की सुविधा मरीजों को समय पर बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक है। गौरतलब है कि रमकंडा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में अनियमितताओं का मामला पहले भी सामने आ चुका है। पिछले दिनों प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. असजद अंसारी ने अस्पताल का निरीक्षण किया था।

उस दौरान भी कई स्वास्थ्यकर्मी अनुपस्थित मिले थे। इसके अलावा अस्पताल में दवा उपलब्ध रहने के बावजूद एक मरीज को दवा नहीं दिए जाने की शिकायत भी सामने आई थी। 

यह भी पढ़ें- झामुमो की गढ़वा जिला कार्यसमिति भंग: शंभू राम निलंबित, नई समिति का होगा गठन; धनबाद में भी बदलाव