संवाद सहयोगी, गढ़वा : जिले के रमना प्रखंड के हरादाग गांव में एक साथ 19 लोगों के संक्रमित मिलने को लेकर तरह-तरह की चर्चा हो रही है। बताया जा रहा है कि मध्य प्रदेश के सागर से मजदूरी कर लौटे एक युवक के संपर्क में आकर उक्त गांव के कई लोग कोरोना संक्रमित हो गए। अब तक 2 दिनों की जांच में 21 लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग द्वारा कर दी गई है। जानकारी के अनुसार उक्त युवक सागर में मजदूरी करता था। उसकी पत्नी को प्रसव होना था। इसे लेकर वह घर आया था। 25 जुलाई को पलामू लिक एक्सप्रेस से गढ़वा रेलवे स्टेशन पर उतरा था। उस दौरान रेलवे स्टेशन पर बाहर से आनेवाले यात्रियों का स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोरोना जांच कराया जा रहा था। कोरोना जांच में सागर से लौटा हरादाग का वह युवक संक्रमित पाया गया था। लेकिन वह स्वास्थ्य विभाग व पुलिसकर्मियों को चकमा देकर वहां से भागकर घर चला गया। उसने अपना गलत पता व मोबाइल नंबर दर्ज कराया था। लेकिन स्वास्थ्य विभाग के लोगों ने उक्त युवक के साथ कोरोना जांच करानेवाले यात्रियों के मोबाइल फोन पर बात कर उसका सही पता मालूम कर लिया था। 26 जुलाई को जब स्वास्थ्य विभाग की टीम उसके घर पहुंची तो वह पत्नी के इलाज कराने के लिए गढ़वा चला गया था। फोन पर उसने अगले दिन अस्पताल में भर्ती होने की बात कही। लेकिन 27 जुलाई को डेडिकेटेड कोविड अस्पताल नहीं पहुंचा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा फोन से संपर्क करने पर युवक ने घर में अन्य सदस्यों से अलग रहने एवं पत्नी के स्वास्थ्य का हवाला देकर अस्पताल नहीं आया। बताया गया कि जब गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग मेराल की टीम ने उसके घर पहुंचकर शुरू में पांच लोगों का कोरोना जांच की, जिसमें पांच लोग पाजिटिव मिले। इसकी सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग सकते में आ गया। सिविल सर्जन डा कमलेश कुमार के निर्देश पर गढ़वा से भी स्वास्थ्यकर्मियों की टीम गुरुवार को हरादाग पहुची। सागर से लौटे हरादाग के उक्त युवक के संपर्क में आए तीन परिवारों के 25 लोगों का स्वाब सैंपल लेकर जांच की गई। जिसमें 19 लोग पाजिटिव मिले। इन सभी संक्रमितों के साथ स्वास्थ्य विभाग को अब तक चकमा देता रहे उक्त युवक को डेडिकेटेड कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया।

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