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गढ़वा में बूढ़ा पहाड़ के जंगल से सुरक्षाबलों ने बरामद किए 2 गैस सिलेंडर, CRPF और पुलिस की जांच जारी

Published: Wed, 14 Oct 2026 01:27 PM (IST)

गढ़वा के बूढ़ा पहाड़ स्थित तुरेर गांव के जंगल से सुरक्षाबलों ने दो गैस सिलेंडर बरामद किए हैं। सीआरपीएफ और ...और पढ़ें

जंगल से 2 गैस सिलेंडर बरामद

जंगल से 2 गैस सिलेंडर बरामद

HighLights

  1. बूढ़ा पहाड़ जंगल से दो गैस सिलेंडर बरामद।

  2. सीआरपीएफ और पुलिस की संयुक्त टीम ने की छापेमारी।

  3. सिलेंडरों के उद्देश्य और मालिक की जांच जारी।

संवाद सूत्र, बड़गड़ (गढ़वा)। कभी माओवादियों का गढ़ और प्रमुख ठिकाना रहे बूढ़ा पहाड़ की तलहटी में स्थित तुरेर गांव के समीप जंगल से मंगलवार को सुरक्षाबलों ने दो गैस सिलेंडर बरामद किए। सीआरपीएफ और बड़गड़ थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने वरीय पदाधिकारियों के निर्देश पर सूचना के आधार पर जंगल में छापेमारी अभियान चलाया। 

दुर्गम जंगल में सिलेंडर मिलने के बाद पुलिस इसकी जांच में जुट गई है। हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि सिलेंडर किसके हैं और उन्हें जंगल में किस उद्देश्य से रखा गया था।

जंगल में सावधानीपूर्वक छापेमारी 

बड़गड़ थाना प्रभारी राजेश वर्मा ने बताया कि प्राप्त सूचना के आधार पर सुरक्षा बलों की संयुक्त टीम ने तुरेर गांव के समीप जंगल में सावधानीपूर्वक छापेमारी की। इस दौरान दो गैस सिलेंडर बरामद किए गए। सुरक्षा के दृष्टिकोण से दोनों सिलेंडरों को सुरक्षित अपने साथ ले जाया गया है। 

पुलिस बरामदगी से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि सिलेंडर जंगल तक कैसे पहुंचे और इन्हें वहां किसने रखा था।

माओवादियों की गतिविधियों के लिए चर्चित रहा है इलाका

बूढ़ा पहाड़ और इसके आसपास का जंगल कभी माओवादी गतिविधियों के कारण बेहद संवेदनशील माना जाता था। घने जंगल, ऊंची पहाड़ियां और दुर्गम रास्ते माओवादियों के लिए सुरक्षित ठिकाने माने जाते थे। 

उस दौर में जंगल के पहाड़ी रास्तों पर सिलेंडर बम और प्रेशर बम बिछाए जाने की घटनाओं के कारण सुरक्षा बलों को अभियान चलाने में काफी सतर्कता बरतनी पड़ती थी। मुठभेड़ और गोलीबारी की घटनाओं से यह इलाका लंबे समय तक चर्चा में रहा।

ओवादी गतिविधियों में कमी 

सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई के बाद क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों में कमी आई है और जनजीवन सामान्य होने की दिशा में आगे बढ़ा है। ऐसे में तुरेर गांव के समीप जंगल से दो गैस सिलेंडरों की बरामदगी ने जांच के लिए एक नया बिंदु सामने रखा है। 

हालांकि, बरामद सिलेंडरों का माओवादी गतिविधियों या किसी आपराधिक घटना से संबंध होने की फिलहाल कोई पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही इनके जंगल में पहुंचने के कारणों का खुलासा हो सकेगा।

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छापेमारी अभियान में सीआरपीएफ की 172वीं बटालियन के डिप्टी कमांडेंट श्रीजी मधु, कुल्ही पुलिस पिकेट के सीआरपीएफ इंस्पेक्टर श्रीनिस दुबे, बड़गड़ थाना के एसआइ संतोष कुमार उपाध्याय, हवलदार गंधर्व महतो सहित सीआरपीएफ और गढ़वा पुलिस के बड़ी संख्या में जवान शामिल थे।

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