गढ़वा में शिव मंदिर के पास मकान की नींव से मिली रहस्यमयी तिजोरी का राज खुला, मिले 100 साल पुराने सिक्के
रमना बाजार में खुदाई के दौरान मिली रहस्यमयी लोहे की तिजोरी को अधिकारियों की मौजूदगी में खोला गया। तिजोरी से ...और पढ़ें

1880-1920 ई. के आठ चांदी व 41 तांबे के पुराने सिक्के बरामद।
HighLights
रमना में खुदाई के दौरान मिली रहस्यमयी लोहे की तिजोरी।
तिजोरी से 8 चांदी और 41 तांबे के पुराने सिक्के बरामद।
सिक्के 1880-1920 ई. के उर्दू अंकित, ऐतिहासिक महत्व के।
संवाद सूत्र, रमना (गढ़वा)। रमना बाजार में प्राचीन शिव मंदिर के समीप मकान की नींव की खुदाई के दौरान मिली रहस्यमयी लोहे की तिजोरी का आखिरकार राज खुल ही गया, जिसके अंदर से निकले खजाने ने सबको चौंका दिया। सोमवार को प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में गैस कटर से कटी इस तिजोरी से उर्दू अंकित चांदी के पुराने सिक्के और लॉकेट बरामद हुए हैं।
सोमवार को अनुमंडल पदाधिकारी प्रभाकर मिर्धा, एसडीपीओ सत्येंद्र नारायण सिंह, सीओ विकास पांडेय व थाना प्रभारी आदित्य कुमार नायक की मौजूदगी में पुलिस अभिरक्षा के बीच तिजोरी को गैस कटर से काटकर खोला गया। तिजोरी से उर्दू अंकित आठ चांदी के पुराने सिक्के, एक चांदी का लॉकेट और 41 तांबे के सिक्के बरामद हुए।
मजबूत लॉक ने बढ़ाया रोमांच, गैस कटर से खुला तिजोरी
तिजोरी का लॉक मजबूत होने के कारण गैस कटर से तिजोरी को काटा गया। प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई। तिजोरी खुलते ही उसके भीतर रखे पुराने सिक्कों को देखकर मौके पर मौजूद लोगों की उत्सुकता और बढ़ गई।
बरामद आठ चांदी के सिक्कों (सिरजाना) पर उर्दू में अंकन है। प्रशासनिक स्तर पर इन सिक्कों को वर्ष 1880 से 1920 के बीच का बताया जा रहा है। चांदी के सिक्कों व लॉकेट का कुल वजन 89.73 ग्राम बताया गया है। इसका वर्तमान बाजार मूल्य करीब 20 हजार रुपये आंका गया है। इसके अलावा 41 पुराने तांबे के सिक्के भी मिले हैं।
दावेदारों की मौजूदगी में खुला संदूक
तिजोरी को अपनी पैतृक संपत्ति बताने वाले विभिन्न परिवारों के दावेदार भी पूरी प्रक्रिया के दौरान मौके पर मौजूद रहे। प्रशासन ने बरामद सभी सामानों की सूची तैयार कर लिया है। समाचार भेजे जाने तक आगे की विधिक व कागजी कार्रवाई जारी थी।

खजाने की अफवाह पर उमड़ी थी भीड़
11 सितंबर को नींव की खुदाई के दौरान लोहे की तिजोरी मिलने के बाद क्षेत्र में खजाना मिलने की अफवाह फैल गई थी। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए थे। कई परिवारों ने तिजोरी और जमीन पर अपना पैतृक अधिकार होने का दावा किया था।
स्थिति को देखते हुए पुलिस ने तिजोरी को अपने कब्जे में ले लिया था। सोमवार को अधिकारियों की मौजूदगी और वीडियोग्राफी के बीच तिजोरी खोले जाने से पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की गई।
क्या-क्या मिला?
- चांदी के दुर्लभ सिक्के: उर्दू अंकन वाले 8 पुराने चांदी के सिक्के (सिरजाना) बरामद किए गए हैं।
- वजन और मूल्य: इन चांदी के सिक्कों और एक चांदी के लॉकेट का कुल वजन 89.73 ग्राम है, जिसका अनुमानित बाजार मूल्य करीब 20,000 रुपये है।
- तांबे के सिक्के: चांदी के अलावा 41 प्राचीन तांबे के सिक्के भी तिजोरी से प्राप्त हुए हैं।
- ऐतिहासिक काल: प्रशासनिक आकलन के अनुसार ये सिक्के वर्ष 1880 से 1920 के बीच के बताए जा रहे हैं।
