संवाद सहयोगी, गढ़वा : यदि आप आनलाइन शापिग के जरिये किसी सामान का ऑर्डर कर रहे है तो शापिग वेबसाइट के बारे में पूरी तरह जानकारी लेकर ही भुगतान करें। क्योंकि साइबर अपराधियों ने फर्जी आनलाइन शापिग वेबसाइट के जरिये लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। गढ़वा शहर में भी इसी तरह का साइबर क्राइम का एक मामला प्रकाश में आया है। ऑनलाइन शापिग वेबसाइट से कपड़ा मंगाने के नाम पर कविता देवी के यूनियन बैंक के खाता संख्या 638302010000020 से साइबर अपराधियों ने एक लाख 44 हजार 477 रुपये की ठगी कर ली। अपना नाम एके मिश्रा व मनीष शर्मा तथा नोएडा सेक्टर 88 एड्रेस बता रहे साइबर अपराधियों ने मोबाइल नंबरों 7857014686 एवं 9060149080 से कॉल कर महिला को पैसा वापस कर देने का झांसा देते रहे। इस दौरान अलग-अलग पेटीएम नंबरों पर पैसे डलवाया। महिला के अनुसार आनलाइन शापिग के लिए भुगतान किए गए पैसे वापस करने के नाम पर उसे ठगी का शिकार बना लिया। इस संबंध में भुक्तभोगी गढ़वा थाना क्षेत्र के मंगल भवन, जोबरिया निवासी कविता देवी पति दिनेश कुमार ने गढ़वा थाना में इसमें संलिप्त साइबर अपराधियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई है। जानकारी के अनुसार कविता देवी आनलाइन शापिग वेबसाइट फैसचिक 15 से कपड़े मंगाने का आर्डर किया था। लेकिन कपड़े नहीं भेजे गए तो कविता देवी ने इंटरनेट से मोबाइल नंबर निकालकर शापिग वेबसाइट वाले को मैसेज भेजा। इसके बाद कविता के मोबाइल नंबर पर 30 जुलाई को काल आया और पेटीएम एकाउंट नंबर मांगा गया। तब कविता का पेटीएम एकाउंट नहीं था। एक अगस्त 2021 को कविता देवी ने पेटीएम एकाउंट बनाने के बाद शापिग वेबसाइट से पैसे वापस करने के लिए कॉल किया। शापिग वेबसाइट वाले के कहने पर पेटीएम एकाउंट वाले मोबाइल नंबर पर एनीडेस्क एप डाउनलोड करने पर उसके बैंक खाता से 44,813 रुपये निकाल लिए गए। भुक्तभोगी महिला ने बताया कि जब इसकी जानकारी शापिग वेबसाइट वाले को दी, तब उनलोगों ने बताया कि पेटीएम एकाउंट - कस्टमर 44 एट द रेट आफ यूपीआई पर भी 44,813 रुपये डलवाया। फिर पेटीएम एकाउंट- कस्टमर 444 एट द रेट आफ एसबीआई पर दो बार में 7,998 रुपये डलवाया। हर बार उससे साइबर अपराधी यह कहते रहे कि अब आपका सभी पैसा एकाउंट में चला जाएगा। लेकिन कथित आनलाइन शापिग वेबसाइट वालों ने कपड़े तो भेजे ही नहीं, महिला के बैंक खाता से झांसा देकर पैसे जरूर उड़ा लिये।

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