प्राचीन शिवालय के समीप जमीन के अंदर मिली पुरानी तिजोरी, गढ़वा प्रशासन की मौजूदगी में खुलेगा राज
रमना बाजार में एक आवासीय भवन की नींव खुदाई के दौरान जमीन के भीतर से एक पुरानी लोहे की तिजोरी मिली है।

खुदाई में मिली लोहे की तिजोरी। (जागरण)
HighLights
रमना में आवासीय भवन की नींव खुदाई में मिली पुरानी तिजोरी।
प्राचीन शिवालय के समीप जमीन के भीतर से मिली लोहे की तिजोरी।
पुलिस ने तिजोरी कब्जे में ली, गढ़वा प्रशासन खोलेगा इसका राज।
संवाद सूत्र, रमना (गढ़वा)। रमना बाजार स्थित प्राचीन शिवालय के समीप शुक्रवार को आवासीय भवन की नींव की खुदाई के दौरान जमीन के भीतर से एक पुरानी लोहे की तिजोरी मिलने से पूरे इलाके में कौतूहल फैल गया।
तिजोरी मिलने की खबर कुछ ही देर में बाजार में फैल गई और देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। ऐतिहासिक स्थल के समीप से प्राचीन वस्तु मिलने की संवेदनशीलता और सुरक्षा को देखते हुए रमना थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तिजोरी को अपने कब्जे में ले लिया।
जेसीबी के पंजे से टकराई तिजोरी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उक्त भूमि पर जेसीबी से भवन निर्माण के लिए नींव की खुदाई की जा रही थी। खुदाई के दौरान जेसीबी का बकेट जमीन के अंदर किसी भारी लोहे की वस्तु से टकराया।
मशीन रोककर सावधानीपूर्वक मिट्टी हटाई गई तो वहां एक पुरानी लोहे की तिजोरी दिखाई दी। खुदाई के दौरान जेसीबी के झटके से तिजोरी का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त होने की बात भी सामने आई है।
प्राचीन वस्तु ने बढ़ाई उत्सुकता
प्राचीन शिवालय के समीप जमीन के भीतर से मिली तिजोरी पुरानी और जंग लगी होने के कारण लोगों की उत्सुकता चरम पर है।
स्थानीय लोगों और बुद्धिजीवियों के बीच इसके पुराने होने और संभावित ऐतिहासिक महत्व को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं।
लोग इसे किसी ऐतिहासिक पुरावशेष के नजरिए से भी देख रहे हैं। हालांकि, तिजोरी कितनी पुरानी है और इसका वास्तविक पुरातात्विक महत्व क्या है, यह विशेषज्ञ जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
स्वामित्व और कानूनी पहलू की भी होगी जांच
जमीन के भीतर से मिली वस्तु की सुरक्षा और इसके विधिक स्वामित्व को लेकर प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। भूगर्भ से मिली संपत्तियों से जुड़े कानूनी प्रावधानों (ट्रेजर ट्रोव एक्ट) के तहत आवश्यक कदम उठाए जाने की चर्चा है।
फिलहाल तिजोरी पुलिस अभिरक्षा में सुरक्षित है। उसके अंदर क्या है, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। इसे लेकर लोगों के बीच कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं, लेकिन किसी भी प्रशासनिक स्तर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
तिजोरी को पुलिस अभिरक्षा में रखा गया है। दंडाधिकारी की मौजूदगी में विधिक नियमानुसार खोला जाएगा। तिजोरी के अंदर क्या है और इसकी ऐतिहासिक प्रकृति क्या है, यह खोलने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
विकास पांडेय, अंचल पदाधिकारी, रमना।
