‘कागज पर दस्तखत और उड़े होश!’ गढ़वा में मनरेगा के नाम पर सरकारी खजाने की डकैती, वेंडर का खौफनाक खेल
गढ़वा के मझिआंव प्रखंड में मनरेगा योजना के तहत एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। एक अनपढ़ मजदूर को धोखे ...और पढ़ें

एआई जेनरेटेड इमेज।
HighLights
मनरेगा योजनाओं के नाम पर सरकारी खजाने की डकैती।
अनपढ़ मजदूर को धोखे से फंसाकर फर्जी शपथ पत्र बनाया।
संवाद सहयोगी, गढ़वा। जिले के मझिआंव प्रखंड में मनरेगा योजनाओं के नाम पर सरकारी खजाने की डकैती और जालसाजी का एक मामला उजागर हुआ है। मामला ग्राम पंचायत सोनपुरवा अंतर्गत आछोडीह गांव का है, जहां एक गरीब और अनपढ़ मजदूर को धोखे के जाल में फंसाकर फर्जी शपथ पत्र तैयार कराया गया और उसके हक का पूरा पैसा हड़पने की खौफनाक साजिश रची गई।
भुक्तभोगी विजय कुमार (पिता स्व. बीरबल चंद्रवंशी) ने इस पूरे फर्जीवाड़े को बेनकाब करते हुए उपायुक्त और उप विकास आयुक्त को आवेदन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है।
दिल्ली में पेट पालने के लिए मजदूरी करने वाले विजय कुमार ने बताया कि वह केवल अपना नाम दस्तखत करना जानते हैं। दवनकारा गांव निवासी मनरेगा वेंडर ओम प्रकाश यादव (पिता स्व. रामजी प्रसाद यादव) ने उन्हें फोन कर झांसा दिया और दिल्ली से गांव बुलवाया।
नौ सितंबर 2026 को मझिआंव प्रखंड कार्यालय में ओमप्रकाश यादव ने विजय कुमार को यह कहकर कागज पर हस्ताक्षर करा लिया गया कि इससे उनकी गाय शेड का बकाया पैसा जारी हो जाएगा। पीड़ित भले ही अनपढ़ थे, लेकिन उन्होंने होशियारी दिखाते हुए दस्तखत करने के बाद तुरंत अपने मोबाइल से उस कागज की तस्वीर खींच ली।

जब विजय कुमार ने गांव लौटकर उस कागज को किसी पढ़े-लिखे व्यक्ति से पढ़वाया, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। कागज पर लिखा गया था कि विजय कुमार को वित्तीय वर्ष 2021-22 में गाय शेड मिला था जिसे उन्होंने पूरा कर लिया है, और इसकी सभी निर्माण सामग्रियां मनरेगा वेंडर ओम प्रकाश यादव द्वारा सप्लाई की गई हैं, इसलिए सारा भुगतान सीधे ओम प्रकाश यादव के खाते में किया जाए।
जबकि जमीनी हकीकत यह है कि वेंडर ने गाय शेड के नाम पर पीड़ित को केवल कुछ सीटा और पाइप ही दिया था, बाकी तमाम सामग्रियां पूर्व मुखिया द्वारा उपलब्ध कराई गई थीं।
वेंडर ओम प्रकाश यादव ने पूरे शेड की राशि हड़पने की नीयत से यह झूठा हलफनामा गढ़ा था। इतना ही नहीं, पीड़ित विजय कुमार नौ सितंबर को गढ़वा कचहरी गए तक नहीं थे, इसके बावजूद वेंडर ने गढ़वा नोटरी रजिस्टर में विजय कुमार के नाम पर फर्जी हस्ताक्षर कर नकली शपथ पत्र भी तैयार करा लिया।
इस खुलासे के बाद मझिआंव प्रखंड से लेकर जिला मुख्यालय तक हड़कंप मच गया है। पीड़ित विजय कुमार ने उपायुक्त से मांग की है कि इस फर्जी शपथ पत्र को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए, वेंडर के बजाय शेड की पूरी राशि सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाए और फर्जीवाड़े के मास्टरमाइंड मनरेगा वेंडर के खिलाफ तुरंत प्राथमिकी दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
