छठ पर आने का वादा कर निकले थे पुटेश्वर, पत्नी-बच्चे राह देखते रह गए; घर लौटा तो सिर्फ उनका शव
गुजरात से छठ मनाने घर लौट रहे पुटेश्वर उरांव की ट्रेन में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उनके घर ...और पढ़ें

पुटेश्वर उरांव का शव देखने पहुंचने लोग। जागरण
HighLights
गुजरात से छठ मनाने घर लौटते समय ट्रेन में मौत।
पुटेश्वर उरांव का शव घर पहुंचते ही मातम पसरा।
संवाद सूत्र, श्री बंशीधर नगर (गढ़वा)। छठ महापर्व पर अपनों के बीच लौटने और परिवार के साथ खुशियां बांटने की उम्मीद लेकर गुजरात से घर आ रहे 40 वर्षीय पुटेश्वर उरांव (पुट्टन) की यात्रा के दौरान ट्रेन में ही संदिग्ध मौत हो गई।
शुक्रवार की सुबह करीब 10 बजे पुटेश्वर का पार्थिव शरीर घर पहुंचा। जिस परिवार को उनके आने का बेसब्री से इंतजार था, वहां उनका शव पहुंचते ही खुशियां मातम में बदल गईं। स्वजन के चीख-पुकार से पूरा माहौल गमगीन हो गया।
जानकारी के अनुसार, नगर पंचायत श्रीबंशीधर नगर क्षेत्र के वार्ड संख्या-6 जंगीपुर गांव निवासी स्व. चैतु उरांव के पुत्र पुटेश्वर गुजरात की एक कंपनी में चालक का काम करते थे। पुटेश्वर बुधवार की रात वे गुजरात के छायापुरी स्टेशन से सोमनाथ एक्सप्रेस पर सवार हुए थे। उनका उद्देश्य छठ महापर्व पर घर पहुंचकर परिवार के साथ त्योहार मनाना और अपनों के बीच खुशियां बांटना था।
नींद में ही थम गई जिंदगी का सफर
यात्रा के दौरान रात में पुटेश्वर अपनी सीट पर सो गए। इसी बीच उनके साथ यात्रा कर रहे दोस्तों ने भोजन करने के लिए जब जगाने का प्रयास किया तो उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर दोस्तों को किसी अनहोनी की आशंका हुई और पुटेश्वर के मोबाइल से घर का नंबर निकालकर स्वजनों को घटना की सूचना दी।
दोस्तों ने जबलपुर स्टेशन पर शव उतरवाया और निजी एंबुलेंस की व्यवस्था कर पार्थिव शरीर को घर भेजा। जैसे ही शव घर पहुंचा, परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी शोक की लहर दौड़ गई।
परिवार की जिम्मेदारियां निभाने के लिए घर से दूर रहकर कमाई करने वाले पुटेश्वर छठ की खुशियां बांटने लौट रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी जिंदगी का सफर थम गया। जिस घर में उनके स्वागत और त्योहार की तैयारियों का इंतजार था, वहां अब मातम पसरा है। फिलहाल ट्रेन में पुटेश्वर की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है।
