रामगढ़ : ज्ञानसेतु कार्यक्रम के तहत प्रखंड के बीआरसी भवन में शुक्रवार से प्रखंड के मध्य व उच्च विद्यालयों के शिक्षकों की चार दिवसीय कार्यशाला शुरू हुई। फेसिलेटर प्रीतम कुमार राय ने बताया कि अभी तक बच्चों को पढ़ाने के लिए जो भी प्रशिक्षण दिया, वह उद्देश्यों पर खरा नहीं उतर सका। इसी कारण केंद्र व राज्य सरकार ने मिलकर पहली बार ज्ञानसेतु कार्यक्रम शुरू किया है। इसमें ज्यादातर शिक्षकों से ही उनके विद्यालयों की समस्या की जानकारी ली जाएगी। शिक्षकों को विद्यालय में पढ़ाने में कहां कठिनाई हो रही है इसकी पड़ताल की जाएगी। नीति आयोग के निर्देश के अनुसार बूस्टर फेज के तहत भारत के तीन राज्यों झारखंड, मध्य प्रदेश व ओडिशा में इस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। कार्यशाला से सफलता मिलने के बाद इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा। कार्यशाला में 100 प्रतिशत शिक्षकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इस कार्यक्रम के तहत छठी से नौंवी कक्षा तक के छात्रों को शामिल किया गया है। इस कार्यक्रम की निगरानी बीसीजी व पीरामल फाउंडेशन कर रहा है। बताया कि प्रखंड के प्रीतम कुमार राय, केके मिश्रा, प्रफुल्ल कुमार झा व विनेश्वर प्रसाद को फेसिलेटर बनाया गया है। कार्यशाला समाप्त होने के बाद विद्यालय में वर्ग छह से नौ तक के बच्चों को तीन ग्रुप बनाकर उनका आकलन किया जाएगा। जिसमें लक्ष्य, सुगम तथा सुबोध ग्रुप शामिल है। लक्ष्य ग्रुप में पहला तथा दूसरा वर्ग के स्तर के छात्रों को, सुगम गु्रप में आधी-अधूरी जानकारी वाले छात्रों को तथा सुबोध ग्रुप में वास्तव में उस वर्ग में पढ़ने वाले छात्रों को शामिल किया जाएगा। प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी संजीव मिश्रा ने बताया कि 105 से अधिक नामांकित वाले मध्य तथा उच्च विद्यालय के 124 शिक्षकों के लिए तीन बैच में कार्यशाला का आयोजन किया गया है। इसमें 82 शिक्षक मध्य विद्यालय तथा 42 शिक्षक उच्च विद्यालय के शामिल होंगे। कार्यशाला के चौथे दिन ई विद्यावाहिनी एप चलाने की जानकारी दी जाएगी।

Posted By: Jagran

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