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बिजली विभाग का 'करंट': दुमका में 10 हजार यूनिट से सीधे 78000 पहुंची रीडिंग, अब आया 17 लाख का बिल

Published: Mon, 31 Aug 2026 07:14 PM (IST)

दुमका में एक उपभोक्ता श्वेता अग्रवाल को बिजली विभाग ने 928 यूनिट की रीडिंग पर 17 लाख रुपये का बिल भेजा है।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

HighLights

  1. दुमका में उपभोक्ता को 17 लाख रुपये का बिजली बिल।

  2. मीटर रीडिंग केवल 928 यूनिट, बिल में भारी गड़बड़ी।

  3. पहले भी गलत बिल की शिकायत की गई थी।

जागरण संवाददाता, दुमका। बिजली विभाग की कार्यशैली पर उपभोक्ताओं की नाराजगी सिर्फ बिजली कटौती को लेकर ही नहीं बल्कि बिजली विपत्रों (बिल) में गड़बड़ियों को लेकर भी है।

फिलहाल यह मामला बिजली विपत्र में गड़बड़ी से जुड़ा है जिसको लेकर उपभोक्ता श्वेता अग्रवाल परेशानी में हैं। बिजली विभाग की लापरवाह कार्यशैली का अंदाजा इस बात से सहज ही लगाई जा सकती है कि पहली बार जब वर्ष 2025 के नवंबर माह में गलत बिजली बिल भेजी गई थी तब ही श्वेता अग्रवाल ने कार्यपालक अभियंता के नाम पर आवेदन देकर इसमें सुधार करने की गुहार लगाई थी।

दिए गए आवेदन में श्वेता ने आवेदन में स्पष्ट तौर यह जानकारी दिया है कि उनका अचानक ही 78637 यूनिट भेज दिया गया है जो गलत है क्योंकि इससे ठीक पहले माह भेजी गई यूनिट मात्र 10890 था।

श्वेता के इस आवेदन के बाद हरकत में आई बिजली विभाग ने उनसे मीटर रीडिंग में गड़बड़ी संशोधन व जांच के बाद उसमें गड़बड़ी संशोधन के नाम तकरीबन 1600 रुपये भी जमा करवा ली।

इसके बाद मीटर जांच के नाम पर कई बार बिजली कर्मी उनके घर आकर मीटर रीडिंग ले गए और अंत में रिपोर्ट में यह
जिक्र किया गया कि मीटर त्रूटिपूर्ण है।

इसके बाद श्वेता अग्रवाल के घर में नया मीटर लगाकर उसकी रीडिंग ली जाने लगी। वर्तमान में उनके मीटर का रीडिंग बीते कई माह में 928 यूनिट है। प्रतिमाह 128 से 150 यूनिट की खपत हुई है लेकिन श्वेता के मोबाइल पर एक बार फिर से विभाग ने 17 लाख रुपये का बिल भेज दिया है।

श्वेता के पति बंटी अग्रवाल के मुताबिक पहली बार वर्ष 2025 में जब पांच लाख रुपये का बिल भेजा गया था तब ही इसमें संशोधन के लिए आवेदन दिए थे।

मोबाइल पर आया 17 लाख का बिल

इसके बाद तमाम प्रक्रियाओं से गुजरने के बाद भी बिजली विभाग ने अब 17 लाख कर विपत्र मोबाइल भर भेज दिया है। मतलब यह कि बिजली बिल गड़बड़ी में सुधार करने के बजाए विभाग ने 17 लाख रुपये का बिल भेज कर पूरे परिवार
ब्लड प्रेशर एक बार फिर से बढ़ा दिया है।

उन्होंने अविलंब विभाग के कार्यपालक अभियंता से बिजली बिल सुधार कर विपत्र देने की गुहार लगाई है ताकि उनका परिवार इस मानसिक प्रताड़ना से बाहर निकल सके।

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