दुमका : सेक्टर मजिस्ट्रेट को प्रशिक्षण में निष्पक्ष व शांतिपूर्ण मतदान कराने के सारे टिप्स दिए गए। मास्टर ट्रेनर सह कार्यपालक पदाधिकारी शिवमंगल तिवारी ने दो टूक कहा कि इस बात की गांठ-बांध लें कि हर हाल में मतदान के दिन सुबह सवा छह बजे तक मॉक पोल करा लें। संबंधित पार्टी का कार्यकर्ता निर्धारित समय तक आए अन्यथा नहीं आए। मॉक पोल के लिए पंद्रह मिनट से ज्यादा इंतजार नहीं करना है। इस बात के लिए भी ताकीद किया गया कि जब वह भ्रमण पर रहेंगे तो कोशिश करेंगे कि ऐसा कोई मतदान केंद्र जहां मॉक पोल में परेशानी हो रही है, फौरन उसकी मदद करेंगे। हरहाल में सिस्टम बना रहे। मतदाता को व्याकुल नहीं होने देंगे।

लोकसभा चुनाव में दुमका जिला में केवल सात या आठ स्थान पर ही मशीन बदलना पड़ा था। सो, इस बार यह कोशिश हो कि कहीं बदलना ही नहीं हो। इसके लिए इस बात से आश्वस्त रहें कि आपको जो ईवीएम दिया जाता है वह पूरी तरह जांच परख कर दिया जाता है। उसे जोड़ने में सावधानी के साथ-साथ मन को शांत रखें। बैलेट यूनिट से वीवीपैट और वीवीपैट से कंट्रोल यूनिट को जोड़ना है। इंडोर स्टेडियम में पहली बार सेक्टर मजिस्ट्रेट को बुलाया गया था। उनको पूरे इत्मिनान से यह बताया गया कि मॉक पोल के समय यदि बैलेट, कंट्रोल यूनिट या वीवीपैट में खराबी आती है तो केवल वही मशीन बदली जाएगी। लेकिन मतदान शुरू होने के बाद यदि वीवीपैट काम करना बंद कर देता है तो वह बदला जाएगा। लेकिन बीयू या सीयू में खराबी आती है तो पूरा सेट ही बदलना होगा। मतदान शुरू होने के पहले और शुरू होने के बाद मशीन में आने वाली गड़बड़ी में यही मूल फर्क है। मास्टर ट्रेनर सह परियोजना निदेशक सुधीर सिंह ने भी इन बारीकियों पर ध्यान दिलाया और कहा कि दुमका के चार विधानसभा जरमुंडी, जामा, शिकारीपाड़ा एवं दुमका में रहनेवाले कर्मी पोस्टल बैलेट से मतदान कर सकते हैं। उसके लिए बैलेट कोषांग है। जो प्रपत्र दिया जाएगा उसे भरकर जमा कर देंगे। जिनका इस विधानसभा से इतर है वह कोषांग में आवेदन देकर अनुमति के साथ वोट देने अपने क्षेत्र जा सकते हैं, बशर्ते आप जिस दायित्व पर हैं, वहां का कोई चुनावी कार्य प्रभावित नहीं हो।

Posted By: Jagran

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