दुमका : हस्तशिल्प उत्पाद को स्थानीय बाजार मुहैया कराने के मकसद से आयोजित दो दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम के समापन पर भारत सरकार हस्तशिल्प विभाग के फैशन डिजाइनर सुरजीत ने डिजाइन का महत्व, बाजार और ग्राहक पर पड़नेवाले प्रभाव के बारे में बताया। कहा कि हस्तशिल्प में गुणवत्ता के साथ-साथ अगर उसका डिजाइन आकर्षक और स्थानीय संस्कृति तथा आधुनिक डिजाइन के अनुकूल होगा तो बाजार में उसकी मांग बढ़ेगी। इस क्रम में उन्होंने झारक्राफ्ट द्वारा तैयार किए गए हस्तशिल्प और उसके विभिन्न डिजाइनों का भी अवलोकन किया। कुछ नया और महत्वपूर्ण जोड़ने का सुझाव दिया।

कोलकाता के नवोजीत कारीगरों को बताया कि सरकार का मकसद हस्तशिल्प बचाना है। कहा कि इस क्षेत्र में काम करनेवाले शिल्पी राष्ट्रीय पुरस्कार तक पहुंच सकते हैं। वीर भगत मरांडी ने आíटजन कार्ड के महत्व और उससे होनेवाले फायदे के बारे में विस्तार से बताया। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि सरकार द्वारा हस्तशिल्पियों को प्रदर्शनी में भाग लेने के लिए मुफ्त में स्टॉल उपलब्ध कराया जाता है। सामान को लाने ले जाने की व्यवस्था में होनेवाले खर्च भी दिए जाते हैं। मुख्यमंत्री लघु कुटीर उद्योग के प्रखंड समन्वयक मौसमी कुमारी ने लघु एवं कुटीर उद्योग को लेकर राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी और उन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस