फेमस ब्रांड के नाम पर बिक रही थी नकली चप्पलें, दुमका में विजिलेंस और पुलिस ने मारा छापा; 3 पर FIR
नोनीहाट बाजार में रिलैक्सो के 'स्पार्क्स' ब्रांड की 422 जोड़ी कथित नकली चप्पलें जब्त की गईं।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।
HighLights
नोनीहाट में 422 जोड़ी नकली 'स्पार्क्स' चप्पलें जब्त।
कंपनी की शिकायत पर तीन लोगों पर केस दर्ज।
कांवड़ियों की मांग के बीच नकली चप्पलों का कारोबार।
संवाद सहयोगी, हंसडीहा (दुमका)। बाबा बासुकीनाथ के दरबार पहुंचने वाले कांवड़ियों के लिए चप्पल की बढ़ती मांग के बीच नोनीहाट बाजार में नामी कंपनी रिलक्सो के ब्रांड ‘स्पार्क्स’ के नाम पर कथित नकली चप्पलों की बिक्री का मामला सामने आया है।
कंपनी की विजिलेंस टीम के साथ हंसडीहा पुलिस ने 31 अगस्त को नोनीहाट बाजार की अलग-अलग दुकानों और एक गोदाम में छापेमारी कर 422 जोड़ी नकली चप्पल बरामद की है।
मामले में कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि की शिकायत पर तीन लोगों के खिलाफ कापीराइट एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
बताया जाता है कि सावन व भादो के दौरान बासुकीनाथ आने वाले कांवरियों के बीच चप्पलों की काफी मांग रहती है। बड़ी संख्या में कांवड़िया लंबी दूरी की पैदल यात्रा समाप्त करने के बाद चप्पल खरीदते हैं।
ऐसे में नोनीहाट बाजार से लेकर बासुकीनाथ तक चप्पलों का बड़ा कारोबार होता है। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि बासुकीनाथ क्षेत्र में चप्पलों की थोक आपूर्ति में नोनीहाट के बड़े कारोबारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
हालांकि, किसी विशेष कारोबारी या नेटवर्क की भूमिका की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि नीरज गौड़ ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि नोनीहाट बाजार में ‘स्पार्क्स’ ब्रांड के नाम पर कथित नकली चप्पलों की बिक्री किए जाने की सूचना मिली थी।
इसके बाद कंपनी की विजिलेंस टीम पुलिस के साथ नोनीहाट पहुंची और विभिन्न दुकानों व गोदामों की जांच की। जांच के दौरान इरशाद आलम के शना शू हाउस से 71 जोड़ी कथित नकली चप्पल बरामद की गई।
वहीं, मोहम्मद मुजमिल आलम उर्फ बाबू की दुकान से 95 जोड़ी चप्पल मिली। इसके अलावा नोनीहाट जियो पंप के पास स्थित मुमताज खान के गोदाम की तलाशी में 256 जोड़ी कथित नकली चप्पल बरामद की गई। तीनों स्थानों से कुल 422 जोड़ी चप्पल जब्त की गई है।
बासुकीनाथ तक पहुंचता है नोनीहाट का चप्पल कारोबार
सावन व भादो के दौरान बासुकीनाथ में लाखों श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की आवाजाही होती है। पैदल यात्रा करने वाले कांवड़ियों के बीच चप्पलों की मांग भी बढ़ जाती है।
ऐसे में पुलिस की इस कार्रवाई के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि बरामद कथित नकली चप्पलों की आपूर्ति केवल स्थानीय बाजार तक सीमित थी या इन्हें आसपास के बड़े बाजारों और बासुकीनाथ क्षेत्र तक भी भेजा जा रहा था।
पुलिस अब बरामद चप्पलों के स्रोत और आपूर्ति श्रृंखला की जानकारी जुटा रही है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि कथित नकली चप्पलों की आपूर्ति कहां से हुई और इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है।
कहां से कितनी चप्पल बरामद
- इरशाद आलम के शना शू हाउस से — 71 जोड़ी
- मोहम्मद मुजमील आलम उर्फ बाबू की दुकान से — 95 जोड़ी
- मुमताज खान के गोदाम से — 256 जोड़ी
- कुल — 422 जोड़ी
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मामले में कंपनी प्रतिनिधि की शिकायत के आधार पर कापीराइट एक्ट 1957 की धारा 63/65 के तहत हंसडीहा थाना कांड संख्या 94/2026 दर्ज किया गया है। कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि के अनुसार, बरामद चप्पलों की जांच में कंपनी का अधिकृत उत्पाद नहीं पाया गया। हालांकि, बरामद सामान वास्तव में नकली है या नहीं, इसकी अंतिम पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।
