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झारखंड जूनियर आर्चरी चैंपियनशिप: दुमका में जुटेंगे 240 तीरंदाज, राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए पसीना बहाएंगे खिलाड़ी

Published: Fri, 02 Oct 2026 09:47 PM (IST)

दुमका के कमारदुधानी में 17वीं झारखंड राज्यस्तरीय जूनियर तीरंदाजी प्रतिस्पर्धा 3 अक्टूबर से शुरू होगी, जिसमें राज्य के 240 से अधिक तीरंदाज हिस्सा लेंगे।

झारखंड जूनियर आर्चरी चैंपियनशिप कल से शुरू। (जागरण)

झारखंड जूनियर आर्चरी चैंपियनशिप कल से शुरू। (जागरण)

HighLights

  1. दुमका में 17वीं झारखंड राज्यस्तरीय जूनियर तीरंदाजी प्रतिस्पर्धा का आयोजन।

  2. 240 से अधिक तीरंदाज राष्ट्रीय चैंपियनशिप में जगह बनाने को तैयार।

  3. अंतर्राष्ट्रीय कोच बीएस राव ने झारखंड की प्रतिभाओं की सराहना की।

राजीव, दुमका। दुमका के जामा विधानसभा क्षेत्र के कमारदुधानी में स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस एकलव्य तीरंदाजी प्रशिक्षण केंद्र का अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करने वाला तीरंदाजी मैदान दो दिवसीय 17 वां झारखंड राज्यस्तरीय जूनियर तीरंदाजी प्रतिस्पर्धा के लिए पूरी तरह से तरह से सजधज कर तैयार है।

प्रतिस्पर्धा की शुरुआत तीन अक्टूबर यानी शनिवार सुबह आठ बजे से प्रारंभ होगी। पहले दिन रैंकिंग राउंड और दूसरे दिन चार अक्टूबर को ओलंपिक राउंड होगा।

जामा की झामुमो विधायक व दुमका जिला तीरंदाजी संघ की अध्यक्ष डॉ. लुईस मरांडी की अगुवाई में पहली बार दुमका के इस तीरंदाजी मैदान पर आयोजित होने वाले इस तीरंदाजी प्रतिस्पर्धा के आयोजन को शानदार तरीके से सफल बनाने की पहल हो रही है।

Junior Archery Championship

डॉ. तुषार ज्योति, उपाध्यक्ष, जिला तीरंदाजी संघ।

प्रतिस्पर्धा में राज्य के 16-17 जिलों की तीरंदाजी टीम समेत अलग-अलग सेंटर की 25 यूनिट शामिल होंगी। अंडर-21 के बालक-बालिका श्रेणी के तीरंदाजी प्रतिस्पर्धा में रिकर्व, कंपाउंड और इंडियन राउंड के लिए अलग-अलग श्रेणी के धनुर्धर अगले दो दिनों में अपनी तीरों से लक्ष्य को साध कर जीत पक्का करने के लिए पसीना बहाएंगे।

इस प्रतिस्पर्धा में अव्वल आने वाले धनुर्धर 21 से 28 अक्टूबर तक राजस्थान में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय जूनियर तीरंदाजी चैंपियनशिप में झारखंड राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे।

तीरंदाजी मैदान से लेकर पूरा कैंपस सज-धज कर मेजबानी के लिए तैयार

पहली बार दुमका में आयोजित हो रहे झारखंड राज्यस्तरीय जूनियर तीरंदाजी प्रतिस्पर्धा के लिए कमारदुधानी का तीरंदाजी मैदान व कैंपस राज्य भर से आने वाले तकरीबन 240 धनुर्धरों के अलावा अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर के धनुर्धर व कोच के लिए सज-धज कर तैयार है।

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डॉ. लुईस मरांडी, झामुमो विधायक।

बालक व बालिका स्तर के धनुर्धरों के आवासन व भोजन की व्यवस्था भी इसी परिसर में की गई है। आयोजन को सफल बनाने के लिए 19 तकनीकी पदाधिकारी, 40 स्कोरर समेत कई अन्य प्रतिस्पर्धा के दौरान अपनी महत्ती भूमिका निभाएंगे। प्रतिस्पर्धा के लिए मैदान में कुल 40 टारगेट लगाए गए हैं।

शुक्रवार को विधायक सह जिला तीरंदाजी संघ की अध्यक्ष डॉ. लुईस मरांडी ने मैदान पहुंच कर तैयारियों का जायजा लिया और आयोजन को सफल बनाने के लिए आवश्यक विमर्श किया।

शनिवार को इस प्रतिस्पर्धा का उद्घाटन बतौर मुख्य अतिथि दुमका के सांसद नलिन सोरेन करेंगे जबकि मौके पर दुमका के उपायुक्त अभिजीत सिन्हा समेत तमाम अधिकारी मौजूद रहेंगे।

इस मौके पर उनके साथ जिला तीरंदाजी संघ के उपाध्यक्ष डा.तुषार ज्योति, कोच सुमित मिश्रा, मोहन कुमार, ब्रेंटयुस मरांडी, राजेश कुमार सिंह समेत कई मौजूद थे।

यह है जिला टीम और यूनिट जो प्रतिस्पर्धा में लेंगे हिस्सा

दुमका, सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, टाटा आर्चरी एकेडमी, सेल आर्चरी एकेडमी, साईं रांची, रामगढ़, रांची, बिरसा-मुंडा आर्चरी एकेडमी, हजारीबाग, कोडरमा, लोहरदग्गा, गुमला, धनबाद, बोकारो, गोड्डा, पाकुड़, एटीसी वर्मा माइंस, अर्जुना क्लब, एकलव्य आर्चरी ट्रेनिंग सेंटर, खूंटी आर्चरी सेंटर, साझा रांची एवं आरएसी रतनपुर।

अंतरराष्ट्रीय तीरंदाज दीपिका के कोच समेत कई नामचीन पहुंचे दुमका

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बीएस राव, अंतरराष्ट्रीय व दीपिका के कोच।

अंतरराष्ट्रीय तीरंदाज दीपिका के कोच बीएस राव समेत राजेंद्र गुइया, हरेंद्र सिंह, डी. साई संवारी, प्रकाश राम, शिशिर महतो, रोहित कोयरी दुमका पहुंच चुके हैं। जबकि अंतरराष्ट्रीय धनुर्धर गोल्डी मिश्रा भी दुमका पहुंच गए हैं।

तीरंदाजी में झारखंड नंबर वन, प्रतिभाओं की भरमार : बीएस राव

झारखंड में तीरंदाजी का भविष्य काफी सुनहरा है और यहां प्रतिभाओं की भरमार है। झारखंड तीरंदाजी के क्षेत्र में देश भर में नबंर वन है। यह कहना है अंतरराष्ट्रीय धुनर्धर दीपिका के कोच बीएस राव का।

बीएस राव की पहचान अंतरराष्ट्रीय कोच के तौर पर स्थापित है। शुक्रवार को दैनिक जागरण से खास बातचीत में उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार राज्य के तीरंदाजों को काफी बेहतर सुविधाएं मुहैया करा रही हैं।

मैदान और आधारभूत संरचनाओं की कमी अब नहीं रह गई है। अगर कुछ चुनौती है तो वह यह कि तीरंदाजी के दम नौकरी हासिल करने की मची होड़।

बीएस राव कहते हैं कि नौकरी हासिल करने बाद खिलाड़ी या तो झारखंड के बजाए दूसरे राज्य या रेलवे व अन्य संस्थान में अपना निबंधन करा लेते हैं जिससे झारखंड के बजाए उनके प्रदर्शन की गिनती व क्रेडिट संबंधित राज्य या संस्थान को मिलने लगती है।

सरकार को इस पर गंभीरता से मंथन करने की दरकार है। तीरंदाजों को जब अधिक से अधिक नौकरियां झारखंड में मिलेगी तो स्वाभाविक तौर पर झारखंड की प्रतिभाएं झारखंड राज्य के खाते में ही जीत की क्रेडिट दर्ज करा पाने में सक्षम होंगे।

एक सवाल के जवाब में बीएस राव ने कहा कि झारखंड के तीरंदाज लगातार राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर श्रेष्ठ प्रदर्शन कर रहे हैं। दुमका में राज्य स्तरीय जूनियर प्रतिस्पर्धा से इस क्षेत्र के तीरंदाजों को काफी कुछ देखने व सीखने का अवसर मिलेगा।

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यहां आने वाले खिलाड़ियों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं हो इसके लिए तमाम व्यवस्थाएं बहाल की जा रही है। राज्य भर से आने वाले धनुर्धर बेहतर अनुभव लेकर वापस लौटें इसके लिए तमाम तरह की सुविधाएं इन्हें मुहैया कराई जा रही है। इनके स्वागत के लिए मैदान पूरी तरह से सजधज का तैयार है।

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डॉ. तुषार ज्योति, उपाध्यक्ष, जिला तीरंदाजी संघ, दुमका

दुमका तीरंदाज का गढ़ रहा है। यहां प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। इन्हें तराशने का काम भी झारखंड सरकार कर रही है। दुमका में संचालित एकलव्य तीरंदाजी सेंटर आफ एक्सीलेंस में राज्य भर के प्रतिभावान धनुर्धरों को तराशा जा रहा है।अभी यहां 36 प्रशिक्षु हैं जिसमें 24 बालक और 12 बालिकाएं हैं। इन सबको यहां कोच के अलावा उम्दा माहौल व तमाम उच्च स्तरीय आधारभूत संरचनाएं उपलब्ध है। हेमंत सरकार के कार्यकाल में कमारदुधानी में राज्य स्तरीय जूनियर तीरंदाजी प्रतिस्पर्धा का मेजबानी करना सुखद है। आयोजन को सफल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।

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डॉ. लुईस मरांडी, झामुमो विधायक सह अध्यक्ष जिला तीरंदाजी संघ, दुमका