दुमका रेप-मर्डर केस: 4 बच्चों के पिता ने की 14 साल की बच्ची से हैवानियत, चेहरे पर खरोंच के निशान ने पहुंचाया जेल
दुमका के काठीकुंड में 14 साल की किशोरी से दुष्कर्म और हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी शिशु टुडू को गिरफ्तार कर लिया है।

मंगलवार को पुलिस सभागार में आरोपित के बारे में जानकारी देते एसपी व एसआईटी के सदस्य। जागरण
HighLights
काठीकुंड दुष्कर्म-हत्या मामले में आरोपी शिशु टुडू गिरफ्तार।
आरोपी ने पहचान उजागर होने के डर से हत्या की।
पुलिस ने स्पीडी ट्रायल का आश्वासन दिया, पहचान उजागर करने वालों पर कार्रवाई।
जागरण संवाददाता, दुमका। काठीकुंड में नौ अक्टूबर की शाम दुष्कर्म के बाद 14 साल की किशोरी की हत्या करने वाले को पुलिस ने आखिरकार दबोच लिया। आरोपित 35 वर्षीय शिशु टुडू मृतका के पड़ोसी गांव का रहने वाला है और चार बच्चों का पिता है।
उसकी पत्नी दूसरे राज्य में मजदूरी करती है। आरोपित ने स्वीकार किया कि उसने अकेले ही किशोरी के साथ दुष्कर्म किया और पहचान होने के डर से उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर उसका खून लगा गमछा और टी शर्ट बरामद की।
मंगलवार को उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। मौके पर एसडीपीओ दिलीप खलखो, महेशपुर के डीएसपी विजय कुमार, डीएसपी संदीप भगत, थाना प्रभारी बाजो रजक, बलराम सिंह, अजीत कुमार, संदीप भगत व त्रिपुरारी कुमार आदि मौजूद थे।
काफी दिन से किशोरी पर रख रहा था नजर
मंगलवार को पुलिस सभागार में एसपी पीतांबर सिंह खेरवार ने बताया कि आरोपित की बेटी पहले उसी विद्यालय में पढ़ती थी, जहां मृतका पढ़ती थी। किशोरी उसके ही दरवाजे से स्कूल आना जाना करती थी। काफी दिन से वह उस पर गलत रख रहा था।
नौ अक्टूबर की शाम जब किशोरी अकेले गाय खोलने के लिए गई, उसी समय आरोपित ने उसे देख लिया। हल्की बारिश होने पर जब उसे मौका मिला तो उठाकर ले गया और उसके साथ गलत काम किया।
मृतका आरोपित को पहले से जानती थी, इसलिए आरोपित को लगा कि वह उसके बारे में सबको बता देगी, इसलिए गला दबाकर मार दिया।
हत्यारे की पहचान के लिए जाम में था शामिल
एसपी ने बताया कि दस अक्टूबर को घटना के विरोध में लोगों ने मधुबन चौक को जाम किया था। उस जाम में आरोपित भी शामिल था और हत्यारे की गिरफ्तारी के लिए आवाज भी बुलंद की थी।
चोट की वजह से हो सकी आरोपित की पहचान
एसपी ने बताया कि वारदात के समय किशोरी ने अपने बचाव का प्रयास किया था, इस क्रम में आरोपित के चेहरे पर चोट आई। यही चोट उसकी पहचान का कारण बनी।
चार गांव के 500 लोगों से पूछताछ
एसपी ने बताया कि मामला दर्ज करने के बाद डीआईजी के आदेश पर उनके नेतृत्व में 11 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया।
अनुसंधान से यह साफ हो गया था कि वारदात को आसपास के ही लोगों ने अंजाम दिया है। मृतका समेत आसपास के चार गांव के करीब 500 लोगों से पूछताछ की गई।
इसी क्रम में आरोपित की गतिविधि संदिग्ध लगने पर कड़ाई से पूछताछ की गई तो उसने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया।
पहचान उजागर करने वालों पर होगी कार्रवाई
एसपी ने कहा कि यह दुखद घटना थी। हर किसी को अपनी बात रखने का अधिकार है। किसी भी हाल में मृतका की पहचान उजागर नहीं करनी चाहिए थी, लेकिन सोशल मीडिया ने इसका ध्यान नहीं रखा। ऐसा करने से परिवार के लोगों को आगे चलकर परेशानी का सामान करना पड़ सकता है, इसलिए पीड़िता व उसके परिवार की पहचान उजागर करने वालों पर कार्रवाई का प्रयास किया जाएगा।
स्पीडी ट्रायल कराकर दिलाई जाएगी कड़ी सजा
एसपी ने कहा कि इस घटना ने मुझे भी द्रवित कर दिया। स्पीडी ट्रायल कराकर आरोपित को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने पर काम होगा। ऐसे आरोपित को सजा दिलाना ही अब ध्येय है।
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