विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

तीन साल बाद भी 11 करोड़ की सड़क अधूरी: जामा में गुणवत्ता पर उठे सवाल, सड़क निर्माण की होगी उच्चस्तरीय जांच

Published: Thu, 05 Nov 2026 09:29 PM (IST)

दुमका के जामा प्रखंड में 11 करोड़ की पीएमजीएसवाई सड़क तीन साल बाद भी अधूरी है, जिससे गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।

प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर। (AI Generated Image)

प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर। (AI Generated Image)

HighLights

  1. जामा में 11 करोड़ की सड़क तीन साल से अधूरी पड़ी है।

  2. निर्माण में घटिया सामग्री, गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठे।

  3. सामाजिक कार्यकर्ता ने उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई।

संवाद सहयोगी, जामा (दुमका)। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत दुमका जिले के जामा प्रखंड क्षेत्र में बनने वाली जामा सुगनीबाद से सिमरा की सड़क तीन साल बीत जाने के बाद भी पूरी नहीं हो सकी है। 
 
करीब 11 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 14.5 किलोमीटर लंबी इस सड़क के निर्माण में हो रही अत्यधिक देरी और गुणवत्ता में गड़बड़ी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। 
 
मामले को गंभीरता से लेते हुए सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश चंद्र गन्धर्व ने संताल परगना के प्रमंडलीय आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर उच्चस्तरीय जांच कराने और जल्द निर्माण कार्य पूरा करने की मांग की है।
 

वर्ष 2023 में हुआ था शिलान्यास 

ज्ञापन के अनुसार, इस महत्वपूर्ण सड़क का निर्माण सिमरा से हरिणगोहाल, पिपरा, कदरजोरिया, लक्ष्मीपुर, बसबुटिया, दुबरीकदेली, हल्दीपट्टी, भोड़ाबदार एवं बेलकूपी होते हुए जामा-सुगनीबाद तक किया जाना है। 
 
ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल दुमका द्वारा इसका निर्माण कराया जा रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता ने बताया कि वर्ष 2023 में तत्कालीन सांसद सुनील सोरेन ने इस सड़क का शिलान्यास किया था। 
 
इसके बावजूद तीन साल बाद भी कार्य पूरा न होना विभागीय कार्यप्रणाली पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है।
 

सामग्री की गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल 

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि निर्माण कार्य के दौरान रिसाइकिल सीमेंट और पुराने बोल्डर मटेरियल का इस्तेमाल कर केवल एक लेयर बिछाई गई थी। 
 
इसके बाद लंबे समय तक काम बंद रहने के कारण कई स्थानों पर सड़क की परत उखड़ने लगी है और पत्थर बाहर निकल आए हैं। 
 
अधूरी और जर्जर सड़क के कारण दर्जनों गांवों के ग्रामीणों, राहगीरों और वाहन चालकों को रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खराब स्थिति के चलते यहां दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है, जिसे लेकर ग्रामीणों में गहरा रोष है।
 

मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में जांच की मांग 

श्री गन्धर्व ने प्रमंडलीय आयुक्त से मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में एक उच्चस्तरीय जांच टीम का गठन किया जाए। 
 
यह टीम निर्माण में प्रयुक्त सामग्री, गुणवत्ता और देरी के कारणों की निष्पक्ष जांच करे। साथ ही, संबंधित अधिकारियों व संवेदक से जवाब-तलब कर अनियमितता मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि ग्रामीणों को जल्द सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।