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NGT की रोक के बावजूद दुमका में नदियों से बालू का खनन जारी, प्रशासन पर उठे सवाल

Published: Mon, 22 Jun 2026 06:59 PM (IST)

Dumka के सरैयाहाट में एनजीटी की रोक के बावजूद नदियों से अवैध बालू खनन जारी है।

नदी में खड़ा ट्रेक्टर में बालू लोड़ करते मजदूर।(फोटो जागरण)

नदी में खड़ा ट्रेक्टर में बालू लोड़ करते मजदूर।(फोटो जागरण)

HighLights

  1. एनजीटी की रोक के बावजूद सरैयाहाट में अवैध बालू खनन जारी।

  2. डिग्री कॉलेज निर्माण में अवैध बालू का खुलेआम उपयोग हो रहा है।

  3. सीओ सरैयाहाट ने कार्रवाई का आश्वासन दिया, ट्रेंच कटवाने की योजना।

संवाद सहयोगी, सरैयाहाट (दुमका )। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की रोक के बावजूद सरैयाहाट क्षेत्र में स्थानीय नदियों से अवैध बालू उठाव का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बालू माफियाओं का मनोबल इतना बढ़ गया है कि दिनदहाड़े नदियों से बालू का खनन कर विभिन्न निर्माण कार्यों में खुलेआम उपयोग किया जा रहा है। इससे न केवल खनन नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं, बल्कि प्रशासनिक कार्रवाई की प्रभावशीलता पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।

प्रखंड के कोठिया के समीप निपनिया में लगभग 40 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे डिग्री कॉलेज में प्रतिदिन स्थानीय नदियों से अवैध रूप से बालू लाकर डंप की जा रही है। लोगों का आरोप है कि एनजीटी के निर्देशों और खनन संबंधी नियमों की अनदेखी करते हुए लगातार ट्रैक्टरों के माध्यम से बालू की आपूर्ति की जा रही है।

पिछले वर्ष भी इसी निर्माणाधीन डिग्री कॉलेज परिसर के समीप खनन विभाग ने बड़ी मात्रा में अवैध बालू जब्त की थी। इसके बावजूद एक बार फिर उसी स्थान पर स्थानीय नदियों से बालू का उठाव कर उसका भंडारण किया जा रहा है। ऐसे में यह सवाल उठने लगे हैं कि पूर्व में हुई कार्रवाई का कोई असर क्यों नहीं दिख रहा है और अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण क्यों नहीं हो पा रहा है।

प्रतिदिन सैंकड़ों ट्रैक्टरों के जरिए नदियों से बालू निकालकर विभिन्न ठेकेदारों और निर्माण स्थलों तक पहुंचायी जा रही है। इसके बावजूद संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।

पर्यावरणविदों का मानना है कि अनियंत्रित बालू खनन से नदियों का प्राकृतिक स्वरूप प्रभावित होता है। इससे जलस्तर में गिरावट, नदी तटों का कटाव व जैव विविधता पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका बनी रहती है। अवैध खनन के कारण सरकार को राजस्व की भी भारी क्षति होती है।

क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन व खनन विभाग से अवैध बालू खनन और परिवहन पर तत्काल रोक लगाने, निर्माण कार्यों में उपयोग की जा रही बालू की जांच कराने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

बालू के अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए पुलिस को निगरानी करने के लिए कहा है। एक दो दिन में अवैध रूप से संचालित प्रखंड के सभी बालू घाट के निकट ट्रेंच कटवाया जाएगा, ताकि बालू ट्रैक्टर में लोड नहीं हो सके। कॉलेज निर्माण में डंप बालू की भी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।-राहुल कुमार शानू, सीओ सरैयाहाट।

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