राजस्थान में शिक्षक की पिटाई से छात्र की मौत पर उबले छात्र

जागरण संवाददाता, दुमका : राजस्थान के जालोर में मटके से पानी पीने पर शिक्षक की पिटाई के बाद एक अनुसूचित जाति का छात्र इंद्र मेघवाल की मौत की घटना पर दुमका के छात्रों में भी उबाल है। गुरुवार को अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति कल्याण छात्रावास के छात्र-छात्राओं ने रोषपूर्ण प्रदर्शन करते हुए इसकी तीखी आलोचना की। साथ ही दोषी शिक्षक पर अविलंब कार्रवाई की मांग की। प्रो. सत्यम मेहरा ने कहा कि आजादी के 75 वर्ष बाद भी अनुसूचित जाति के लोग अपने अधिकारों से वंचित है। इस मामले में दोषी शिक्षक पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। विवेक मिर्धा ने कहा कि जालोर की घटना में आरोपित शिक्षक के पक्ष में स्वर्ण समुदाय के लोग सामने आकर बचाव में जुट गए हैं। विक्रम दास ने कहा कि आठ वर्षीय मासूम बच्चे की मौत बेरहमी से की गई पिटाई के कारण हुई है। उस बच्चे को न्याय दिलाने के लिए युवा छात्र खामोश नहीं बैठने वाले हैं। इस दौरान छात्रों ने कहा कि इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में किया जाए। सरकार पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा अविलंब दे। परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी दे। स्कूल की मान्यता रद करे। जालोर के सभी गन लाइसेंस रद्द करे। मौके पर रोहित रजक, अमर तुरी, बजरंगी दास, राजेश दास, मिथुन दास, लखनारायन, रोहित, शेखर, अभिषेक, कुंदन, नागेश, मुकेश, सचिन, जितेंद्र, राजीव बास्की, विकास समेत बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद थे।

Edited By: Jagran

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