लापरवाही बरतने पर थानेदार लाइनहाजिर

जागरण संवाददाता, दुमका : दुमका के एसपी अंबर लकड़ा ने मंगलवार को शिकारीपाड़ा थाना के पुलिस निरीक्षक सह थानेदार नवल किशोर सिंह को लाइन हाजिर कर दिया है। नवल पर यह कार्रवाई अवैध खनन से संबंधित मामलों के अनुसंधान में लापरवाही और आरोपितों की गिरफ्तारी में शिथिलता बरतने के आरोप में की गई है। लाइन हाजिर करने के उपरांत शिकारीपाड़ा के नए थानेदार का प्रभार सदर इंस्पेक्टर अरविंद कुमार को दिया गया है। पुलिस अधीक्षक अंबर लकड़ा ने कहा कि शिकारीपाड़ा थाना में अवैध पत्थर खनन संबंधित कई मामले दर्ज हुए हैं लेकिन शिकारीपाड़ा थाना प्रभारी के स्तर से मामले का अनुसंधान सही तरीके से नहीं किया गया और ना ही आरोपितों की गिरफ्तारी की गई। इसे कर्तव्य में लापरवाही मानते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। एसपी ने कहा कि शिकारीपाड़ा में नए थानेदार को डीआइजी के अनुमोदन के बाद पदास्थापित किया जाएगा।

शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र से सोमवार की रात अवैध कोयला खनन के धंधा में लिप्त खाडूकदमा के कलीमुद्दीन अंसारी समेत इसमें शामिल सात अन्य पर मंगलवार को वनपाल रघुनाथ देहरी के बयान पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। रघुनाथ ने शिकारीपाड़ा थाना में हीरापुर एवं चित्राकुंडी वन क्षेत्र में कोयला का अवैध खनन करने के मामले में कलीमुद्दीन अंसारी, बलान हेंब्रम, बबई हेंब्रम, रुपाय मरांडी, ढेना सोरेन, बबलू सोरेन, संजय मंडल पर प्राथमिकी दर्ज कराया है। रघुनाथ के मुताबिक हीरापुर, चित्राकुंडी वन क्षेत्र में कोयला के अवैध उत्खनन को लेकर पूर्व में इस वर्ष 11 अप्रैल को मामला दर्ज कराए जाने के बावजूद कलीमुद्दीन अंसारी उपरोक्त मौजा में वर्तमान समय में कोयले का अवैध उत्खनन एवं परिवहन कराने में संलिप्त मिला है। जांच के क्रम में स्थल से दो पीस नियोजन विस्फोटक भी बरामद किया गया है। वनपाल के बयान पर शिकारीपाड़ा पुलिस ने विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के अलावा वन व खनन अधिनियम के तहत मामला किया गया है। इस मामले का अनुसंधानकर्ता अवर निरीक्षक अभिनव कुमार सिंह को बनाया गया है जो इस मामले में अग्रतर छानबीन करेंगे।

दुमका के उपायुक्त का पत्र बना कार्रवाई का आधार : दुमका के एसपी अंबर लकड़ा ने थाना प्रभारी नवल किशोर सिंह को लाइन हाजिर करने का आधार उपायुक्त रविशंकर शुक्ला और शिकारीपाड़ा के अंचलाधिकारी के पत्र को बनाया है। दुमका के उपायुक्त रविशंकर शुक्ला ने शिकारीपाड़ा में हो रहे अवैध खनन व परिवहन के मामले में सख्ती से कार्रवाई करने को लेकर 19 जनवरी और फिर 22 जनवरी को लगातार दो पत्र लिखकर इस अवैध धंधे में शामिल लोगों पर अविलंब कार्रवाई करने का निर्देश शिकरीपाड़ा के थानेदार को दिया गया था। इसके बाद पांच फरवरी को शिकारीपाड़ा के अंचलाधिकारी ने उपायुक्त एवं अंचल कार्यालय से समय-समय पर जारी पत्रों का हवाला देते हुए शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र में अवैध उत्खनन एवं

परिवहन पर अंकुश लगाने तथा अवैध उत्खननकर्ताओं के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई व गिरफ्तारी करते हुए अद्यतन प्रतिवेदन की मांग की गई थी। सीओ ने यह भी लिखा कि थाना प्रभारी के स्तर से इस संबंध में कृत कार्रवाई संबंधित

प्रतिवेदन समर्पित नहीं किया गया। बार-बार निर्देश देने के बावजूद भी कोयले के अवैध उत्खनन की सूचना मिलती रही है।

दो दर्जन लोगों पर फिर होगी जिला बदर की कार्रवाई : दुमका के उपायुक्त रविशंकर शुक्ला ने अवैध खनन व परिवहन से जुड़े व चिह्नित तकरीबन दो दर्जन लोगों जिला बदर की कार्रवाई करने की अनुशंसा करते हुए इसकी सूची एसपी अंबर लकड़ा को प्रेषित की है। इस सूची में वैसे कई नाम शामिल हैं जो दुमका जिले के विभिन्न थाना क्षेत्र में संगठित तरीके से अवैध खनन, कोयला, बालू की तस्करी का काला धंधा चला रहे हैं।

Edited By: Jagran