पहली बार दुमका आने का अवसर मिला है। रेलवे स्टेशन काफी अच्छा है और करीब करीब हर तरह की सुविधा भी है। अभी 30 हजार लोगों का आना जाना होता है, लेकिन जिस तरह से यहां पर संसाधन है, उससे यात्रियों की संख्या 60 हजार होनी चाहिए। रेलवे ने स्टेशन को और विकसित करने के लिए पूरी प्लानिग कर ली है।

यह बात पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक अरूण कुमार अरोड़ा ने शनिवार की दोपहर स्टेशन परिसर में सीआरपी थाना व बैरक का उदघाटन करने के बाद कही। कोयला साइडिग का निरीक्षण करने के बाद कहा कि थाना और बैरक बहुत ही सुंदर है। यहां पर जवानों को अब किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। जवान से आराम से अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे। कहा कि आर्थिक क्षेत्र में अभी बहुत काम करने की जरूरत है। प्रयास चल रहा है। कोयला लोडिग के लिए दो ट्रैक बनकर तैयार हैं। एनजीटी से कुछ अनुमति मिलना बाकी है। सांसद सुनील सोरेन से अनुरोध किया कि वे अनुमति दिलाने के लि सहयोग करें। अनुमति मिलते ही लोडिग का काम शुरू हो जाएगा। इससे बहुत से लोगों को रोजगार मिलेगा और रेलवे की आय में भी इजाफा होगा। मौके पर आसनसोल के डीआरएम परमानंद शर्मा, प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त अंबिका नाथ मिश्र के अलावा आरपीएफ के अमर मणि व राजकुमार गुप्ता मौजूद थे।

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ट्रेन चलाने के लिए होगा प्रयास

जीएम ने कहा कि सांसद ने एक मांग पत्र सौंपा है। जो मांग उनके स्तर से पूरी होने वाली होंगी, उन्हें पूरा किया जाएगा। जो मांग उनके स्तर से पूरी होने वाली नहीं होगी, उसे बोर्ड को भेज दिया जाएगा। सांसद चेयरमैन से बात कर उन मांग को पूरा करा सकते हैं। भागलपुर से चलने वाली विक्रमशिला एक्सप्रेस का दुमका तक विस्तार करने के लिए जो संभव होगा किया जाएगा। बैद्यनाथ धाम और मयुराक्षी ट्रेन को भी दुमका से चलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। अक्टूबर माह से चलाया जा सकता है।

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किसी से अधिक काम नहीं लिया जाएगा

जीएम ने कहा कि रेलवे में काम करने वाले कुछ लोग लगातार काम करते हैं। कुछ लोगों को डयूटी ऐसी होती है कि उनका एक ट्रेन के जाने के बाद कई घंटे के लिए बंद हो जाता है। रेलवे किसी भी हाल में जवान ही नहीं काम करने वाले हर व्यक्ति से अधिक काम नहीं लेती है। यदि दुमका में इस तरह की शिकायत है तो इसे दूर किया जाएगा।

Edited By: Jagran