सिंदरी, जेएनएन। जब लोकसभा चुनाव में एक वोट से भी हार और जीत हो सकती है तो इसकी कीमत को बताने की जरूरत नहीं है। बावजूद बहुतेरे आम के साथ ही खास लोग भी मताधिकार का प्रयोग करने के बजाय चुप-चाप घरों में बैठे रहते हैं। सवाल उठाए जाने पर बचाव के लिए तरह-तरह के बहाने बनाते हैं। ऐसे लोग बुलेट रानी से प्रेरणा ले सकते हैं। उसने एक वोट की कीमत को समझते हुए नई दिल्ली से सिंदरी (धनबाद) की दूरी बुलेट से नाप दी।

सिंदरी की बेटी यशोदा दुबे। इस नाम से लोग यशोदा को नहीं जानते हैं। बुलेट रानी ही यशोदा का नाम और पहचान है। दरअसल, बुलेट से लॉग ड्राइव पर जाना खास शगल है यशोदा का। वे नई दिल्ली में विप्रो में टेस्ट इंजीनियर के रूप में कार्यरत हैं। उनका नाम धनबाद लोकसभा क्षेत्र के तहत सिंदरी विधानसभा की मतदाता सूची में दर्ज है। धनबाद लोकसभा क्षेत्र में 12 मई को मतदान था। मतदान का फर्ज अदा करने के लिए वे नई दिल्ली से सिंदरी के सफर पर बुलेट से ही निकल पड़ीं। दो दिन के ड्राइव के बाद वह सिंदरी पहुंचीं। रविवार को मतदान के दाैरान सिंदरी के डिनोबली स्कूल स्थित बूथ पर मताधिकार का प्रयोग किया। वोट डालने के तुरंत बाद वह बुलेट से ही दिल्ली के सफर पर निकल पड़ीं। यशोदा के जज्बे का सिंदरी के लोगों ने सराहना की।

डिनोबिली स्कूल के मतदान केंद्र पर मतदान करने से पहले उसने मुस्कुराते हुए वोटिंग स्लिप को सबों के साथ साझा किया। फिर मतदान किया और हंसते हुए मतदान केंद्र से बाहर निकल कर डिनोबिली स्कूल सिंदरी की भूमि को नमन किया। उसने कहा कि जिस स्कूल में प्लस टू तक की पढ़ाई की थी। उसी स्कूल में मतदान करने के लिए दिल्ली से सिंदरी तक की दूरी बुलेट से तय की। उसके चेहरे पर वोट देने की खुशी साफ झलक रही थी। कहा, मतदान करने की खुशी का अनुभव मुझसे ज्यादा कौन कर सकता है। यह कहते हुए हेलमेट पहनी और दिल्ली के लिए बुलेट से प्रस्थान कर गई।

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Posted By: mritunjay