धनबाद, श्रवण कुमार। महिलाओं की इस टोली को दूसरों की जिंदगी बचाने का जुनून है। इसके लिए यह टोली रक्तदान कर मानव सेवा कर रही है। उड़ान हौसलों की नामक महिलाओं की इस संस्था से करीब डेढ़ दर्जन महिलाएं जुड़ी हैं, जो समय-समय पर रक्तदान कर समाज में मिसाल कायम कर रहीं हैं। 17 महिलाओं की टोली तीन महीने में एक बार रक्तदान के लिये शिविर भी लगाती है। टोली की ये 17 सक्रिय सदस्य अन्य महिलाओं को भी संस्था से जोड़ रहीं हैं। उड़ान हौसलों की संस्था की प्रमुख शालिनी खन्ना बताती हैं कि हम अपने जज्बे से बता रहे हैं कि नारिया किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कमतर नहीं हैं। हमारी संस्था की सदस्य समय समय पर रक्तदान करतीं हैं। साथ ही विशेष रक्तदान शिविर भी आयोजित करते हैं। इस बार लगे शिविर में 34 महिलाओं ने रक्तदान किया था।

सूचना मिलते ही टीम होती सक्रिय: शालिनी ने बताया कि किसी को खून की जरूरत होती है और उसके परिजन हमसे संपर्क करते हैं तो उसे रक्त दिलवाना हमारा फर्ज होता है। हमारी टीम की सदस्य खून देने पहुंच जातीं हैं। जब किसी की जान हमारे रक्तदान से बचती है तो जो खुशी हमें होती है उसे शब्दों में नहीं बता सकते।

दो वर्ष से चल रही मुहिम: शालिनी ने बताया कि हमारी मित्र नेहा सिन्हा व कुछ अन्य ने रक्तदान पर दो वर्ष पहले चर्चा की थी। कहा कि इसके माध्यम से हम वह सेवा कर सकते हैं जो बेमिसाल होगी। बस क्या था हमने इस महायज्ञ की शुरुआत कर दी। वह वर्ष 2016 का सितंबर सितंबर महीना था। तब पहली बार रक्तदान किया। धीरे-धीरे हमारा कारवा बढ़ता गया। आज कई महिलाएं जुड़ चुकी हैं। इनमें 17 नियमित सदस्य हैं।

नेहा ने किया है अब तक 30 बार रक्तदान: शालिनी की टीम की नेहा सिन्हा, अर्पिता अग्रवाल, नेहा साहू पर टीम की अन्य सदस्यों से समन्वय की महती जिम्मेदारी है। जो जरूरत पर रक्त की व्यवस्था सदस्यों से बात करके करतीं हैं। नेहा सिन्हा अब तक तीस बार रक्तदान कर चुकीं हैं। अर्पिता ने पाच व शालिनी ने भी पाच बार रक्तदान किया है।

ब्लड ग्रुप के नाम से मोबाइल नंबर सेव: अचानक किसी को रक्त की जरूरत पड़ती है तो हम संस्था की सदस्य का नाम नहीं तलाशते। बल्कि मोबाइल पर रक्त समूह के नाम से सेव नंबर की तलाश करते हैं। मान लीजिये आपको बी पॉजिटिव रक्त समूह की जरूरत है तो बी पॉजिटिव लिखते ही मोबाइल में उस समूह के रक्त वाली सदस्यों का नंबर आ जाएगा। धनबाद में रक्तदान के कार्य में कई संस्थाएं व एनजीओ लगे हैं। किसी को अचानक किसी विशेष समूह के खून की जरूरत पडऩे पर उनका भी सहयोग लेते हैं, यदि हमारी सदस्य मौके पर नहीं है। इसी प्रकार उस समूह को जरूरत पर हमारी संस्था भी सहयोग करती है।

Posted By: Jagran

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