धनबाद [ नीरज दुबे ]। Weekly News Roundup Dhanbad गिरिडीह के एक भाजपा नेता अपनी पार्टी के नेता पुत्र की मौत पर बोकारो पहुंचे। शव यात्रा निकल चुकी थी। वो लेट थे, मगर उपस्थिति दर्ज करानी थी। लिहाजा तेलमच्चो ब्रिज पहुंच गए। गाड़ी किनारे खड़ी की। दूर से एक शव जलता देखा। वहां दो लोग ही खड़े थे। उन्होंने चालक को भेजा कि पता करो घरवाले कहां हैं। चालक गया और वहां खड़े लोगों से पूछा- भाई, शव के साथ घर के और लोग नहीं आए क्या? कहां हैं सब? इस पर जो जवाब मिला तो होश फाख्ता हो गए। शख्स ने कहा- कोरोना मरीज को जलाने भला कौन आता है। चालक भागते हुए नेताजी के पास पहुंचा और बोला- सर, ई तो कोरोना मरीज था। अब नेताजी के भी हाथ-पांव फूल गए। चालक को फटकार लगाई- इतनी देर में पता लगाएगा। अब तक शव का धुआं घुस गया होगा। भागो यहां से।

50 पार हैं, साहब मत जाइए
साहब, संभल कर रहें, कोरोना छोड़ेगा नहीं। 50 साल से ऊपर के लोगों को खतरा ज्यादा है। एक सिपाही ने कंटेनमेंट जोन देखने जा रहे एक इंस्पेक्टर को थाना से निकलने के दौरान कहा। पहले तो साहब आग-बबूला हो गए, फिर अहसास हुआ कि बात तो सही कह रहा है। खतरा तो है ही। जिले में 94 बैच के जितने भी पुलिस अधिकारी हैं, वे 50 पूरा कर चुके हैं। उन्हें कंटेनमेंट जोन की सुरक्षा में लगना पड़ता है। हालांकि पुलिस मुख्यालय की जो गाइडलाइन है, उसके अनुसार हाफ सेंचुरी लगा चुके पुलिसकर्मियों को कंटेनमेंट जोन या कोविड अस्पताल में नहीं लगाना है, मगर व्यवस्था इन्हीं के जिम्मे है। क्या किया जाए। आदेश है तो मानना ही है। कोरोना है कि उधम मचाए है, रुकने का नाम ही नहीं ले रहा। रोज संख्या बढ़ रही है। भगवान ही कुछ करें कि जल्द बला टले।

थाना में बांटने आ गए कोरोना
अरे भाई, कोरोना काल में तो संभलकर रहो। घर में मारपीट करते हो और मुंह लटकाकर थाना आ जाते हो, पुलिस तुम्हारे लिए बैठी है क्या? सुधर जाओ, सप्ताह में दो-तीन बार ड्रामा करते हो। सब ठीक रहता तो सबक सिखा देता, मगर अभी छूना...। दूर खड़े रहो, लिखकर दो। धनबाद के एक थाना में ओडी अफसर फटकार लगा रहे थे। दरअसल, जमीन विवाद का मामला था और दो पक्षों में मारपीट को लेकर सात-आठ लोग पहुंचे हुए थे। सबको आते देखा तो महाशय परेशान हो गए। कहीं साथ में कोरोना भी न आ जाए। बरामदे पर ही रोक दिया। बोले- कई थाना में वायरस घुस गया है, सबको अपनी जान की पड़ी है और इनलोगों को जमीन की पड़ी है। इसी बीच एक हवलदार ने कहा- जमादार साहब इसी तरह का मामला सलटाने गए थे और उधर से कोरोना लेकर आ गए थे।

हाथ नहीं मिला सकते बड़ा बाबू

शहर के एक थानेदार हैं। काफी परेशान कि कहीं कोरोना ना धर ले। पिछले 20 दिनों में तीन बार जांच करा चुके हैं। सुबह-शाम गिलोय पीकर घर से निकलते हैं, थाना में किसी को अपना शरीर टच करने नहीं देते। मगर, तीन दिन पूर्व की एक घटना ने उन्हें काफी डरा दिया। दो पक्षों के बीच मारपीट हो गई थी। एक तरफ भाजपा नेता भी थे। उनके लिए जनप्रतिनिधि पैरवी में आ गए। फोन पर बड़ा बाबू सुन रहे थे। तभी दर्जनों स्थानीय नेता थाना पहुंच गए। उनसे मिलना चाहते थे। इतना तो ठीक था, मगर कई ने उनकी तरफ हाथ बढ़ा दिया। अब उन्हें कौन समझाए कि बड़ा बाबू थाना में किसी से हाथ मिला ही नहीं सकते। सो, हाथ जोड़ लिया। इसके बाद सभी चले गए तो उन्होंने राहत की सांस ली। फिर जूनियर से बोले- ऐसे मामले बाहर ही सलटाया करो।

Posted By: Mritunjay

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