मैथन, जेएनएन। मानसून की बारिश से मैथन व पंचेत डैम का जलस्तर बढ़ना जारी है। लगातार बढ़ते जलस्तर से दोनों ही डैम में खतरे के निशान से 10 से 15 फीट पानी कम है। डैम के ऊपरी भाग से लगातार हो रहे जलजमाव के कारण मैथन डैम से पानी छोड़ने की प्रक्रिया तीन गुना बढ़ा दी गई है। वर्तमान में मैथन डैम से प्रति घंटा क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। मैथन डैम में खतरे के निशान से 15 फीट और पंचेत डैम में नौ फीट कम पानी है। मैथन डैम में शनिवार को एक ही दिन में 10 फीट जलस्तर बढ़ गया। शनिवार शाम छह बजे मैथन का डैम का जलस्तर 480 . 83 फीट मापा गया जो पुराने खतरे के निशान 480 फीट को छू लिया । हालांकि, डीवीसी ने अब खतरा का निशान बढ़ाकर 495 कर दिया है। मैथन डैम में एक ही दिन में 10 फीट पानी बढ़ने का कारण जामताड़ा जिला में हुई बारिश मानी जा रही है।

डीवीसी सूत्रों के अनुसार जामताड़ा जिला में भारी बारिश से डैम के ऊपरी भाग से भारी मात्रा में पानी आ रहा है। साथ ही मैथन व आसपास के इलाकों में भी पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश से जल जमाव बढ़ रहा है। जलजमाव के कारण मैथन डैम से पानी छोड़ने की प्रक्रिया तीन गुना कर दी गई है। इससे पश्चिम बंगाल के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ की स्थिति हो गई है। पश्चिम बंगाल जिला प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट कर दिया गया है। मैथन डैम में तेजी से बढ़ रहे जलस्तर और भारी मात्रा में छोड़े जा रहे पानी के कारण बराकर, डीसरगढ़ सहित कई तटवर्ती इलाकों में लोगों को अलर्ट कर दिया गया है।

इधर शनिवार को पंचेत डैम का जलस्तर शुक्रवार के मुकाबले तीन फीट बढ़कर 416 फीट मापा गया । डैम का जलस्तर खतरे के निशान से नौ फीट कम है। 425 फीट जलस्तर खतरे का निशान है। पंचेत डैम में प्रति घंटा 34000 क्यूसेक पानी आ रहा है। जबकि 14000 क्यूसेक पानी डैम के चार फाटक से छोड़ा जा रहा है। बारिश के कारण दोनों ही डैम में लगातार बढ़ रहे पानी को देखते हुए डीवीसी का एमआरओ विभाग व केंद्रीय जल आयोग की टीम डैम के जलस्तर पर हर घंटे नजर बनाए हुए हैं। 

Edited By: Mritunjay