चासनाला : पूर्व मध्य रेल धनबाद मंडल के पाथरडीह रेल कालोनी में पिछले 10 दिन से पीने के पानी के लिए लोगों में त्राहिमाम मचा हुआ है। इससे पाथरडीह के करीब दस हजार की आबादी प्रभावित है। पेयजलापूर्ति बंद होने से रेल कर्मियों को काफी परेशानी हो रही है। रेल कर्मी ड्यूटी के साथ साथ दूर दराज से पानी ढोने व खरीदकर पीने को मजबूर हैं। बताया जाता है कि पाथरडीह जीआरपी कालोनी, लोको बाजार रेलवे कालोनी, अप ट्राफिक कालोनी, डाउन ट्राफिक कालोनी, मोहन बाजार में पाथरडीह रेलवे विभाग की ओर से पाइप के माध्यम से पेयजलापूर्ति की जाती है। यहां करीब 850 रेलवे आवास व दो सौ से अधिक झोपड़ी है। आसपास के क्षेत्र के ग्रामीण व लोग भी रेलवे के पेयजलापूर्ति पर ही आश्रित हैं। पाथरडीह रेलवे के सेंट्रल केबिन, वरीय अनुभाग अभियंता कार्य व विद्युत कार्यालय, पथ विभाग, रेलवे अस्पताल, कैरेज एंड वैगन विभाग, पाथरडीह फ्रेंट डिपो में भी पानी की किल्लत के कारण कर्मियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। यह है कारण : बताया जाता है कि पाथरडीह स्थित रेलवे के फिल्टर हाउस से ही रेलवे कालोनी में पेयजलापूर्ति की जाती है। यहां चासनाला रिवर साइड दामोदर नदी समीप रेलवे के इंटकवेल में मोटर पंप के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जाती है। पंप के फाउंडेशन पर लगे चैनल के जर्जर हो चुका था। जिसके कारण पंप को रखने में दिक्कतें आ रही थी। इस कारण पेयजलापूर्ति ठप है। अब भी लगेंगे तीन से चार दिन : रेल अधिकारियों के अनुसार दामोदर नदी समीप मोटर पंप के फाउंडेशन का निर्माण तीन दिन पूर्व ही किया गया है। ऐसे में फाउंडेशन को मजबूत होने में तीन से चार दिन और लगेंगे। जिसके बाद ही पंप को लगाकर पेयजलापूर्ति सुचारू रूप से किया जा सकेगा। दामोदर नदी समीप पंप के फाउंडेशन स्थल का चैनल जर्जर होने के कारण टूट गया था। जिसके कारण बार बार अड़चने आ रही थी। जिसे तोड़कर रि फाउंडेशन कर दिया गया है। जल्द ही पेयजलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी।

- जितेंद्र कुमार, वरीय अनुभाग अभियंता कार्य पाथरडीह रेलवे

Edited By: Jagran