Hartalika Teej की रात धनबाद के आसमान में दिखा 'चांद-शुक्र' का अद्भुत मिलन, खगोलीय घटना ने मोहा मन और दिया शुभ संकेत
Astronomical Eventः हरितालिका तीज और गणेश चतुर्थी पर धनबाद के निरसा में आसमान पर चांद के करीब चमकीला शुक्र ग्रह दिखाई दिया, जिसे देखकर लोगों में उत्सुकता रही।

तीज पर आसमान में चांद के बेहद करीब नजर आया चमकीला शुक्र ग्रह। (फोटोः संजय सिंह)
HighLights
हरितालिका तीज पर चांद के करीब दिखा चमकीला शुक्र ग्रह।
भूगोल प्रोफेसर ने इसे सौरमंडल का सबसे चमकीला ग्रह बताया।
ज्योतिष के अनुसार यह भौतिक सुख-सुविधाओं में वृद्धि का संकेत।
संवाद सूत्र, निरसा (धनबाद)। हरितालिका तीज एवं गणेश चतुर्दशी के दिन आकाश में अनोखी खगोलीय घटना देखने को मिली। इसमें चमकते चांद के नजदीक एक चमकीला तारा साफ दिखाई दे रहा था।
इस खगोलीय घटना को देखने के लिए लोगों में होड़ मची हुई थी। इसे लेकर लोग तरह-तरह की बातें कर रहे थे।
वहीं, इस संबंध में जानकारी देते हुए केएसजीएम कॉलेज, निरसा के भूगोल विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर टिकैत माझी ने बताया कि चांद के बगल में जो बेहद चमकीला 'तारा' दिखाई दे रहा है, वह कोई तारा नहीं, बल्कि हमारे सौरमंडल का सबसे चमकीला ग्रह शुक्र (Venus) है।
इसे हम भोर का तारा या सांझ का तारा (Evening Star) भी कहते हैं। आज आसमान में एक बेहद खूबसूरत खगोलीय घटना हो रही है, जिसमें क्रिसेंट मून (हंसिया जैसा आधा चांद) और शुक्र ग्रह एक-दूसरे के बेहद करीब नजर आ रहे हैं।
भौतिक सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी का संकेत : मुकेश पांडे
वहीं, इस संबंध में पंडित मुकेश पांडे ने बताया कि शास्त्रों में चंद्रमा को मन का कारक और शुक्र को धन, ऐश्वर्य, वैभव एवं सुख-सुविधाओं का कारक माना गया है। जब ये दोनों एक साथ आते हैं, तो यह जीवन में भौतिक सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी का संकेत देता है।
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चूंकि दोनों ही ग्रह स्वभाव से शांत और सौम्य माने गए हैं, इसलिए इनका एक साथ दिखना मानसिक शांति और आंतरिक संतोष का प्रतीक है। यह नकारात्मक विचारों को दूर कर मन को शांत रखने में मदद करेगा।
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