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धनबाद में अटूट दोस्ती की मिसाल: जिंदगी भर साथ रहे, एक ही दिन दुनिया छोड़ी; एक साथ हुआ अंतिम संस्कार

Published: Tue, 15 Sep 2026 05:15 AM (IST)

Dhanbad News: धनबाद के निचितपुर में दो गहरे दोस्तों, धीरेन दत्ता और पशुपति महतो, ने एक ही दिन दुनिया को अलविदा कहा।

धीरेन दत्ता और पशुपति महतो। (फाइल फोटो)

धीरेन दत्ता और पशुपति महतो। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. धीरेन दत्ता और पशुपति महतो की गहरी दोस्ती मिसाल बनी।

  2. बीसीसीएल में वर्षों तक साथ काम किया, अटूट रिश्ता था।

  3. दोनों दोस्तों का एक ही दिन निधन, साथ ही अंतिम संस्कार।

संवाद सूत्र, निचितपुर (धनबाद)। कभी-कभी जिंदगी में ऐसी घटनाएं घट जाती हैं, जो लोगों के लिए मिसाल बन जाती हैं। धनबाद जिले के निचितपुर में भी दोस्ती की ऐसी ही अनोखी कहानी सामने आई, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया।

बीसीसीएल में वर्षों तक साथ नौकरी करने वाले दो करीबी दोस्तों-धीरेन दत्ता (89) और पशुपति महतो (71) का रिश्ता नौकरी तक ही सीमित नहीं था। दोनों की दोस्ती ऐसी थी कि जिंदगी के हर सुख-दुख में एक-दूसरे का साथ निभाते रहे।

रविवार को भी दोनों ने जैसे साथ चलने की अपनी दोस्ती की आखिरी रस्म पूरी कर दी। दोनों का एक ही दिन निधन हुआ और संयोग देखिए कि अंतिम संस्कार भी एक साथ किया गया।

दो दोस्तों की जिंदगी की यह आखिरी यात्रा अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग उनकी दोस्ती को याद करते हुए यही कह रहे हैं-ऐ दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे, तोड़ेंगे दम मगर साथ नहीं छोड़ेंगे।

निचितपुर में दो दोस्तों की यह कहानी दोस्ती की उस मिसाल को जीवंत कर गई, जिसमें साथ जीने से लेकर साथ दुनिया छोड़ने तक का वादा भी जैसे पूरा हो गया।

रेंगुनी बस्ती निवासी धीरेन दत्ता और बड़की बौआ गांव निवासी पशुपति महतो की। धीरेन और पशुपति दोनों कुसुंडा क्षेत्र के ईस्ट बसुरिया कोलियरी में कई वर्षों तक एक साथ में नौकरी किया।

अलग अलग वर्षों में दोनों कर्मी नौकरी से सेवानिवृत्त हुए लेकिन संयोग देखिए दोनों का निधन एक ही दिन रविवार को अपने अपने घरों में हुआ। दोनों का दाह संस्कार सोमवार को लिलौरी स्थान स्थिति मुक्तिधाम में किया गया।

लोग कहते हैं कि दोनों में बहुत घनिष्ठता थी। दोनों की घनिष्ठता को भुलाया नहीं जा सकता है। कुछ दिनों से दोनों बीमार चल रहे थे।