धनबाद, जेएनएन। सोशल साइंस की किताब में जब बच्चों ने भारत का नक्शा देखा तो उनकी उलझनें बढ़ गईं। क्योंकि उनके किताब में एक नहीं भारत के दो तरह के नक्शे दिए गए हैं। हालांकि दोनों नक्शे अपनी जगह पर सही हैं। भारत का दो नक्शा सीबीएसई से संबंद्ध पब्लिक स्कूलों के चौथी कक्षा के सोशल साइंस की किताब का है। इसमें एक नक्शा अक्टूबर 2019 से पहले का है, जो उस समय के देश की राजनीतिक संरचना के हिसाब से सही है। वहीं किताब के अंतिम पन्ने पर भारत का संशोधित नक्शा छपा है। यह नक्शा अक्टूबर 2019 का है।

दरअसल जिस प्रकाशक की किताब का स्कूल ने चयन किया था, उसका अधिकतर हिस्सा सितंबर 2019 तक छप गया था। जब कश्मीर का बंटवारा किया गया तब उसका गजट अक्टूबर 2019 प्रकाशित किया गया। इसके बाद प्रकाशकों ने संशोधित नक्शे को छपवा कर किताब के अंतिम पन्ने पर चिपका दिया। वहीं इस मामले में स्कूल का तर्क है कि प्रकाशकों ने किताब में आवश्यक संशोधन कर दिया है। स्कूल के शिक्षक भी क्लास में संशोधित नक्शा से देश की वर्तमान राजनीतिक संरचना की जानकारी छात्रों को देंगे। स्कूल प्रबंधन की मानें तो दो तरह के नक्शे सिर्फ प्रकाशन के कारण छप गए होंगे।

चूंकि अगले सत्र के किताबों की छपाई नौ से दस महीने पूर्व ही शुरू हो जाती है। इससे किताब में दो तरह के नक्शे देखने को मिल रहे हैं। प्रकाशक किताब नवंबर-दिसंबर में ही भेज देते हैं। ऐसे में कश्मीर के बंटवारा संबंधी गजट प्रकाशित होने के बाद इतना समय नहीं मिला कि किताब में सुधार किया जा सके। 

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