जागरण संवाददाता, धनबाद। अब यह बात धीरे-धीरे साफ होती जा रही है कि धनबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश-8 उत्तम आनंद की माैत महज एक हादसा नहीं बल्कि पूरी तरह से सुनियोजित हत्या है। सीसीटीवी फुटेज तोते की तरह बोल रहा है। अब इस मामले में यह तथ्य सामने आया है कि जज को उड़ाने के लिए जिस ऑटो का प्रयोग हुआ वह पाथरडीह की सुगनी देवी की है। सुगनी के अनुसार रात में उसका ऑटो चोरी हो गया। तड़के घटना को अंजाम दिया गया। पुलिस ने ऑटो को गिरिडीह के बरामद कर लिया है। साथ ही चालक और उसके सहयोगी को भी गिरफ्तार किया गया है। 

घटना के बाद गोविंदपुर में देखा गया धक्का मारने वाला ऑटो

धनबार के रणधीर वर्मा चाैक के थोड़ी दूर पर सुबह 5 बजकर 8 मिनट पर घटना हुई। सीसीटीवी फुटेज में जज को धक्का मारते जो ऑटो दिख रहा है वह पाैन घंटा बाद गोविंदपुर के एक पेट्रोल पंप के सीसीटीवी फुटेज में कैद हुआ। पुलिस ऑटो को बरामद करने में जुट गई है। उसकी मालकिन से पूछताछ की जा रही है।

हत्या के लिए चुना गया सुबह का समय

सुबह की सैर पर निकले धनबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश (अष्टम) उत्तम आनंद की बुधवार की सुबह पांच बजे हीरापुर बिजली सब स्टेशन के पास हत्या कर दी गई। जज कालोनी के निकट पीछे से आटो ने उन्हें टक्कर मार दी। उनकी पत्नी कृति सिन्हा ने धनबाद थाना में अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। रणधीर वर्मा चौक समेत आसपास के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला गया तो वीडियो में साफ दिखा कि जानबूझ कर उन्हें मारा गया। झारखंड हाई कोर्ट ने इस घटना पर रिपोर्ट तलब की है। उधर धनबाद बार एसोसिएशन ने न्यायाधीश के सम्मान में पेन डाउन कर दिया। किसी तरह की न्यायिक कार्यवाही में हिस्सा नहीं लिया। मेडिकल बोर्ड की देखरेख में जिला प्रशासन ने पोस्टमार्टम कराया। प्रथम दृष्टया सर पर गहरा प्रहार पाया गया। एसएसपी संजीव कुमार ने सिटी एसपी आर राम कुमार के नेतृत्व में हत्याकांड की जांच के लिए एसआइटी का गठन किया है। बोकारो डीआइजी मयूर पटेल भी मौके पर गए। उन्होंने दावा किया कि न्यायाधीश को मारने वाले को पकडऩे के लिए हर मुमकिन कार्रवाई की जा रही है। जल्द सच सामने आ जाएगा।

पत्नी ने रजिस्ट्रार को दी पति के घर नहीं पहुंचने की सूचना

कृति सिन्हा ने सुबह सात बजे धनबाद सिविल कोर्ट के रजिस्ट्रार अर्पित श्रीवास्तव को फोन पर सूचना दी कि उनके पति सुबह की सैर पर गए थे। अभी तक वापस नहीं आए हैं। कुछ देर बाद दोबारा फोन कर बताया कि ऐसी सूचना है कि रणधीर वर्मा चौक के पास गंगा मेडिकल के आगे अज्ञात वाहन से उनके पति को धक्का लग गया है। उन्हें एसएनएमएमसीएच ले जाया गया जहां मौत हो गई है। अर्पित ने धनबाद थाना को सूचना दी। दोपहर तक पुलिस से लेकर धनबाद कोर्ट के सारे लोग मान रहे थे कि सड़क दुर्घटना में न्यायाधीश की जान गई थी। शाम तक पुलिस को कई सीसीटीवी फुटेज मिल गए। इसमें दिखा कि न्यायाधीश सड़क की बायीं तरफ दौड़ रहे थे। एक आटो आया। उसमें दो लोग थे। न्यायाधीश की तरफ गाड़ी घूमी, उन्हें ठोकर मारी। इसके बाद चालक आटो को लेकर सरायढेला की तरफ आगे बढ़ गया। अब पुलिस लाइन से सरायढेला तक सारे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैैं।

दरअसल, सुबह में हल्ला हुआ कि किसी पुलिस जवान की सड़क दुर्घटना में जान गई है। पुलिस एसोसिएशन के लोग सक्रिय हो गए थे। उसी दौरान एसएनएमएमसीएच में अंगरक्षक ने न्यायाधीश की पहचान की। तुरंत ही पूरा प्रशासन हरकत में आ गया। पता लगा कि आटो से ठोकर लगने के बाद न्यायाधीश सड़क के किनारे कुछ देर तक तड़प रहे थे। कोई उठाने नहीं आया। पीएचईडी के कर्मचारी पवन पांडेय की नजर पड़ी तो सड़क से गुजर रहे एक आटो को रुकवा कर एसएनएमसीएच ले गए जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। कुछ देर में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राम शर्मा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरङ्क्षवद कुमार पांडे, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अर्जुन साव, एसएसपी संजीव कुमार, सिटी एसपी आर राम कुमार समेत बार एसोसिएशन से जुड़े दर्जनों लोग अस्पताल आ गए। कुछ देर में स्वजन भी आए।

रंजय सिंह समेत कई चर्चित मुकदमों की कर रहे थे सुनवाई

न्यायाधीश उत्तम आनंद चर्चित रंजय सिंह हत्याकांड की सुनवाई कर रहे थे। सिंह मेंशन में संजीव सिंह के करीबी रंजय की हत्या का आरोप रघुकुल से जुड़े कुछ लोगों पर है। तीन दिन पहले उन्होंने उत्तर प्रदेश के ईनामी शूटर अभिनव सिंह और होटवार जेल में बंद अमन सिंह से जुड़े शूटर रवि ठाकुर और आनंद वर्मा की जमानत खारिज की थी। कतरास में राजेश गुप्ता के आवास पर बमबाजी के मुकदमे की भी वे सुनवाई कर रहे थे।

हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई है। फिलहाल उस आटो और उस पर सवार लोगों को खोजा रहा है जिसने न्यायाधीश को टक्कर मारी थी। जल्द मामले का खुलासा हो जाएगा।

-संजीव कुमार, एसएसपी, धनबाद

सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। गुरुवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलेगी तो स्थिति और स्पष्ट होगी। यकीन मानिए, हम लोग इस कांड का सच जल्द सामने लाएंगे। दोषी को कड़ी सजा दिलाई जाएगी।

-मयूर पटेल, डीआइजी, बोकारो प्रक्षेत्र

 

Edited By: Mritunjay