जागरण संवाददाता, धनबाद: एक जुलाई से सिंगल यूज प्लास्टिक पूरी तरह से बैन हो जाएगा। वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अधिसूचित प्लास्टिक अवशिष्ट प्रबंधन संशोधन नियम 2021 के तहत सिंगल यूज प्लास्टिक के निर्माण, आयात, स्टाकिंग, वितरण, बिक्री एवं उपयोग प्रतिबंधित हो जाएगा। इसको लेकर नगर निगम और झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का क्षेत्रीय कार्यालय लगातार आदेश और अभियान चला रहा है।

फिलहाल धनबाद के सभी प्रतिष्ठानों से सिंगल यूज प्लास्टिक का स्टाक खाली करने का निर्देश दिया गया है। इसके अनुसार सभी उत्पादकों, स्टाकिस्ट, खुदरा विक्रेताओं, दुकानदारों, ई-कामर्स कंपनियों, स्ट्रीट वेंडर, वाणिज्यिक प्रतिष्ठान-माल, मार्केट प्लेस, शापिंग सेंटर, होटल, रेस्त्रां, सिनेमा हाउस, पर्यटन स्थल, स्कूल, कालेज, कार्यालय परिसर, अस्पतालों और अन्य संस्थानों के साथ ही आम जनता को ऐसे प्लास्टिक को 30 जून तक हर हाल में स्टाक खत्म करने का समय दिया है।

एक जुुलाई के बाद सिंगल यूज प्लास्टिक के साथ कोई पकड़ा जाएगा तो आदेशों के उल्लंघन पर पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 के तहत उचित कार्रवाई की जाएगी। इसमें माल जब्त, पर्यावरण क्षतिपूर्ति के लिए वसूली, उद्योगों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के संचालन को बंद करना आदि शामिल है। नगर आयुक्त सत्येंद्र कुमार ने बताया कि पहली जुलाई से सिंगल यूज प्लास्टिक पूरी तरह प्रतिबंधित होगा। कोई भी दुकानदार, विक्रेता, थोक व्यापारी, खुदरा विक्रेता, फेरीवाले, रेहड़ी वाले सहित कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार के एक बार उपयोग किए जाने वाले प्लास्टिक (सिंगल यूज प्लास्टिक) के सामान को न बेच सकेंगे न ही उपयोग करेंगे।

सिंगल यूज प्लास्टिक में ये चीजें शामिल

प्लास्टिक की छड़ियों के साथ कान की कलियां, गुब्बारों के लिए प्लास्टिक की छड़ें, प्लास्टिक के झंडे, कैंडी स्टिक, आइसक्रीम की छडे़ं, सजावट के लिए पालीस्टायरीन (थर्मोकोल), भोजन परोसने की प्लेट, कप, गिलास, कटलरी जैसे कांटे, चम्मच, चाकू, स्ट्रा, ट्रे, पीवीसी बैनर 100 माइक्रोन से कम शामिल है। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 के अनुसार रिसाइकिल प्लास्टिक से बने कैरी बैग की मोटाई 75 माइक्रोन से कम नहीं होनी चाहिए। 31 दिसंबर 2022 से 120 माइक्रोन मोटाई के कैरी बैग प्रतिबंधित होंगे।

यह होगा जुर्माना

- दुकान में पहली बार प्लास्टिक मिलने पर 500 रुपये, दूसरी बार एक हजार और तीसरी बार दो हजार रुपये का जुर्माना।

- प्रतिष्ठानों में पहली बार में पांच हजार, दूसरी बार दस हजार और तीसरी बार में 20 हजार रुपये का जुर्माना।

- प्लास्टिक बैग का निर्माण करने वाली कंपनियों पर प्रति टन पहली बार पांच हजार, दूसरी बार दस हजार और तीसरी बार 20 हजार रुपये प्रति टन के हिसाब से जुर्माना।

Edited By: Deepak Kumar Pandey