सिंदरी से श्यामा प्रसाद मुखर्जी का ऐतिहासिक रिश्ता, 125वीं जयंती पर आज झारखंड भाजपा के नेताओं का होगा जुटान
Syama Prasad Mookerjee 125th Birth Anniversary: भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती 6 जुलाई को ...और पढ़ें

देश के पहले उद्योग मंत्री स्व. डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, HURL सिंदरी के डेमो का जायज़ा लेते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सिंदरी उर्वरक कारखाना। (फाइल फोटो)
HighLights
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती 6 जुलाई को।
सिंदरी में देश के पहले खाद कारखाने की नींव रखी।
केंद्रीय मंत्री सुकांतो मजुमदार समारोह में मुख्य अतिथि होंगे।
संवाद सूत्र, सिंदरी (धनबाद)। Dr. Syama Prasad Mookerjee 125th Birth Anniversary:भारतीय जनसंघ ( अब भारतीय जनता पार्टी) के संस्थापक और स्वतंत्र भारत के प्रथम उद्योग मंत्री डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 6 जुलाई को 125वीं जयंती है। इस साल भाजपा डा. मुखर्जी की जयंती को धूमधाम से मना रही है। इस माैके पर देशभर में 40 स्थानों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें झारखंड में एक स्थान सिदरी भी है।
डा. मुखर्जी ने आजादी के बाद देश के पहले उद्योग मंत्री के रूप में सिंदरी में भारत के पहले खाद कारखाने की नींव रखी थी। धनबाद जिला ग्रामीण भाजपा के अध्यक्ष मोहन कुंभकार ने रविवार को सिंदरी पहुंचकर डा. मुखर्जी की जयंती पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया।
मोहन कुंभकार ने बताया-डा. मुखर्जी ने स्वतंत्र भारत के पहले खाद कारखाने की आधारशिला सिंदरी में रखी थी। इसी ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए भाजपा यहां उनकी 125 वीं जयंती धूमधाम से मना रही है। उन्होंने बताया कि समारोह में केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांतो मजुमदार मुख्य रूप से शामिल होंगे। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अमर बाउरी, सांसद ढुलू महतो, धनबाद विधायक राज सिन्हा, झरिया विधायक रागिनी सिंह सहित धनबाद और बोकारो के बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहेंगे।
मोहन कुंभकार ने बताया कि कार्यक्रम दाेपहर तीन बजे से सिंदरी खाद कारखाने के मुख्य प्रवेश द्वार के समीप शुरू होगा। कार्यक्रम स्थल पर लगभग चार हजार लोगों के बैठने की क्षमता वाला विशाल पंडाल तैयार किया जा रहा है।
समारोह के संयोजक अमर बाउरी स्वयं सिंदरी में रहकर तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विस्थापन जैसे मुद्दों पर संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाएगा तथा आवास नीति तैयार करते समय डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की कल्पनाओं के अनुरूप सिंदरी के विकास को भी ध्यान में रखा जाएगा।
काैन थे डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी
डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी (6 जुलाई 1901 – 23 जून 1953) भारत के प्रख्यात शिक्षाविद्, विधिवेत्ता, स्वतंत्रता सेनानी और राजनेता थे। उनका जन्म कोलकाता में हुआ। उनके पिता आशुतोष मुखर्जी प्रसिद्ध शिक्षाविद् एवं न्यायाधीश थे। बहुत कम आयु में ही वे कलकत्ता विश्वविद्यालय के सबसे युवा कुलपति बने।
डा. मुखर्जी स्वतंत्रता के बाद भारत के पहले उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री रहे, लेकिन बाद में सिद्धांतगत मतभेदों के कारण उन्होंने नेहरू मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया। वर्ष 1951 में उन्होंने भारतीय जनसंघ की स्थापना की, जिसे आज की भारतीय जनता पार्टी का वैचारिक आधार माना जाता है।
एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान के थे विरोधी
डा. जम्मू-कश्मीर में अलग संविधान, अलग झंडा और अलग प्रधानमंत्री की व्यवस्था के विरोधी थे। उनका प्रसिद्ध नारा था-एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे। सन् 1953 में बिना परमिट जम्मू-कश्मीर में प्रवेश करने के दौरान उन्हें गिरफ्तार किया गया। हिरासत के दौरान 23 जून 1953 को उनका निधन हो गया। उनकी मृत्यु आज भी चर्चा और शोध का विषय बनी हुई है।
देश में सिंदरी का खास महत्व
सिंदरी झारखंड का एक प्रमुख औद्योगिक नगर है। यह ऐतिहासिक फर्टिलाइज़र कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एफसीआई) के उर्वरक संयंत्र और देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान बीआईटी सिंदरी के लिए प्रसिद्ध है। सिंदरी को लंबे समय तक भारत की उर्वरक राजधानी के रूप में पहचान मिली। यह धनबाद शहर से लगभग 25–30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और दामोदर नदी के तट पर बसा हुआ है।
HURL सिंदरी की नई पहचान
Hindustan Urvarak & Rasayan Limited (HURL) सिंदरी में स्थापित एक अत्याधुनिक प्राकृतिक गैस आधारित उर्वरक संयंत्र है। इसे भारत सरकार की बंद पड़े पुराने उर्वरक कारखानों को पुनर्जीवित करने की योजना के तहत स्थापित किया गया। यह संयंत्र देश में यूरिया उत्पादन बढ़ाने और उर्वरकों में आत्मनिर्भरता हासिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण परियोजना है। HURL की स्थापना वर्ष 2016 में हुई।
HURL की स्थापना वर्ष 2016 में हुई। यह Coal India Limited, NTPC Limited, Indian Oil Corporation Limited, Fertilizer Corporation of India Limited तथा Hindustan Fertilizer Corporation Limited का संयुक्त उपक्रम है। सिंदरी परियोजना की आधारशिला 25 मई 2018 को रखी गई थी। डा. मुखर्जी से सिंदरी के भावनात्मक लगाव को ही देखते हुए ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिशन मोड में HURL को धरातल पर उतारने का निर्णय लिया।
संयंत्र का उत्पादन 5 नवंबर 2022 से शुरू हुआ और 15 अप्रैल 2023 को इसका वाणिज्यिक संचालन (Commercial Operation Date) घोषित किया गया। 1 मार्च 2024 को प्रधानमंत्री द्वारा इस संयंत्र को राष्ट्र को समर्पित किया गया। संयंत्र की उत्पादन क्षमता प्रतिदिन 2,200 मीट्रिक टन अमोनिया और 3,850 मीट्रिक टन नीम-कोटेड यूरिया है। इसकी वार्षिक यूरिया उत्पादन क्षमता लगभग 12.7 लाख मीट्रिक टन है।
HURL सिंदरी से उत्पादित उर्वरक झारखंड सहित पूर्वी भारत और देश के कई राज्यों के किसानों तक पहुंचाए जाते हैं। कंपनी का उद्देश्य किसानों को उच्च गुणवत्ता वाला नीम-कोटेड यूरिया उपलब्ध कराना और कृषि उत्पादकता बढ़ाना है।
