संवाद सहयोगी, निरसा: निरसा सिनेमा मोड़ निवासी बालू कारोबारी 45 वर्षीय राजीव मिश्रा ने बुधवार की रात अपने घर में ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या करने से पूर्व मृतक सुसाइड नोट लिख छोड़ गया है। सुसाइड नोट में लिखा है कि निरसा के व्यवसायी संजय अग्रवाल द्वारा उसपर झूठा केस दर्ज कराया गया है। इससे मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या कर रहा है। हालांकि सुसाइड नोट के अंत में संजय अग्रवाल से आग्रह किया है कि वह केस में समझौता कर ले ताकि उसके स्वजन शांति से जीवन यापन कर सकें। घटना की सूचना पाकर निरसा थाना प्रभारी व पूर्व विधायक अरूप चटर्जी पहुंचे। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए धनबाद भेजवाया। मृतक दुर्गा पूजा के समय निरसा आया था। मृतक की पत्नी श्वेता मिश्रा ने बताया कि रात में सभी लोग घर के नीचे के कमरे में सोए हुए थे। सुबह आंख खुली तो पति को बिस्तर पर नहीं देख कर सोची कि वह बाथरूम गए होंगे। बाथरूम जाकर देखी तो उन्हें नहीं पाया। उसके बाद अचानक मेरी नजर ऊपर के कमरे में जाने वाले गेट पर पड़ी जो खुला हुआ था। ऊपर जा कर देखी तो वह कमरे में पंखा लगाने वाले एंगल में ओढ़नी से झूल रहे हैं। मैंने नीचे से उनके पैर को पकड़ कर ऊपर करने का प्रयास किया। लेकिन तब तक उनकी मृत्यु हो चुकी थी। मृतक राजीव मिश्रा पूर्व में कोयला का कारोबार करता था। कोरोना काल में लाकडाउन की वजह से उसका धंधा बंद हो गया था और वह कर्ज में डूब गया था। फिलहाल वह अपने पैतृक गांव बांका जिले के परमान गांव में रहकर से बालू का कारोबार कर रहा था। बालू के कारोबार में भी उसे नुकसान हो रहा था। ऊपर से कर्जदार उसे पैसे के लिए दबाव भी बना रहे थे जिसके कारण वह तनाव में रह रहा था। मृतक राजीव मिश्रा ने आत्महत्या से तीन दिन पहले 17 अक्टूबर को ही सुसाइड नोट अपने घर में लिख कर रख दिया था। आत्महत्या के बाद उसका सुसाइड नोट मिला। उसमें लिखा है कि व्यवसायी संजय अग्रवाल से उसने जमीन के लिए किसी प्रकार का एग्रीमेंट नहीं किया है और ना ही पैसे का लेनदेन किया है। इसके बावजूद उसने केस कर दिया है। अब तनाव बर्दाश्त नहीं हो रहा है। केस का टेंशन, पैसा की किल्लत और कोई काम नहीं रहने के कारण इंसान क्या कर सकता है। इस कारण मैं आत्महत्या कर रहा हूं। जानकारी के अनुसार विजय टाकीज सिनेमा हाल की जमीन की बिक्री को लेकर संजय अग्रवाल व राजीव मिश्रा के बीच पैसे के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। संजय अग्रवाल का कहना है कि वर्ष 2010 में राजीव मिश्रा व उसके पिता निर्मल चंद्र मिश्रा ने जमीन के एवज में उससे 10 लाख रुपए लिए थे। रुपए नहीं लौटाने पर वर्ष 2012-13 में उसने कोर्ट में उस पर मामला दर्ज करवाया था। उन्हें चेक दिया गया वह भी बाउंस कर गया। उसे लेकर भी मामला दर्ज करवाया है। आज तक ना तो राजीव मिश्रा को फोन किया और ना ही उसके घर पर रुपए मांगने गया। प्रशासन चाहे तो काल डिटेल्स निकाल कर जांच कर ले।

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