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धनबाद, जेएनएन। अभी भी काफी बच्चे स्कूलों से दूर हैं। जिनका एडमिशन भी है उनमें भी कई कुछ दिन स्कूल आते हैं तो कुछ दिन नहीं, ड्राप आउट छात्रों की संख्या भी बढ़ रही है। इसकी गंभीरता को देखते हुए भारत सरकार ने ग्राम पंचायत विकास योजना के तहत समुदाय आधारित योजना अभियान 'सबकी योजना सबका विकास' की शुरुआत की है। यह 31 दिसंबर 2018 तक चलाया जाना है। इसके अंतर्गत ग्राम पंचायतों द्वारा विशेष ग्राम सभा के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए ग्राम पंचायत विकास योजना का निर्माण किया जाना है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को स्कूल तक पहुंचाना, ड्रापआउट कम करना, छात्रों की विद्यालयों में नियमित उपस्थिति, शौचालय, चारदीवारी निर्माण, पेयजल की व्यवस्था और छात्रों के अभिभावकों व ग्रामीणों को शिक्षा विभाग द्वारा संचालित योजनाओं से अवगत कराना है। इसके सफल क्रियान्वयन के लिए स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने डीईओ-डीएसई को पत्र जारी किया है। निर्धारित समय में लक्ष्य सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

यह है योजना: सबकी योजना सबका विकास के क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर पर जिला शिक्षा पदाधिकारी और प्रखंड स्तर पर प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी विभाग द्वारा पंचायती राज संस्थाओं को प्रत्यायोजित शक्ति के अधीन कार्य करेंगे। पंचायत राज संस्थाओं को विभाग द्वारा सौंपे गए कार्य एवं दायित्व के अधीन ग्राम पंचायत द्वारा विद्यालयों के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना निर्माण यानी शौचालय, चारदीवारी का निर्माण, पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराना होगा। ग्राम स्तर पर प्रारंभिक विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, शिक्षकों एवं छात्रों की नियमित उपस्थिति, अभिभावकों व ग्रामीणों को योजनाओं से अवगत कराना, उनके बच्चों को सरकारी विद्यालयों में नामांकन के लिए प्रोत्साहित करना, ड्राप आउट के कारणों को दूर करना, बच्चों में शिक्षा के प्रति रुझान पैदा करने का कार्य ग्राम पंचायत करेगी।

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सामूहिक प्रयास से योजना का लक्ष्य निर्धारित समय में प्राप्त करना है। विभाग की ओर से भी निर्देश मिला है। सभी को इससे अवगत कराया जा रहा है। जल्द ही बेहतर परिणाम सामने आएगा।

- डॉ.माधुरी कुमारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी

Posted By: Jagran

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