धनबाद [ तापस बनर्जी ]। भारतीय रेल के कैरेज एंड वैगन विभाग, धनबाद (Dhanbad Railway Division) में काम करने वाले रेलवे कर्मचारियों ने ऐसा थर्मामीटर विकसित किया है, जिसे छूने की जरूरत नहीं है। उसके सामने खड़े होने पर वह शरीर का तापमान बता देगा। सेंसर आधारित नॉन कांटैक्ट थर्मामीटर ( non contact thermometer) बनाने का विचार विभाग के जूनियर इंजीनियर सुजीत कुमार के मन में आया। इस पर काम करते हुए उन्होंने जो थर्मामीटर विकसित किया, उसे न सिर्फ धनबाद कोचिंग डिपो में लगाया गया, बल्कि धनबाद रेल मंडल के बरकाकाना, पतरातू और राय डिपो के लिए भी तैयार किया जा रहा है। 

ऐसे आया विचार

कोरोना संक्रमण के कारण विभाग में पहले हाथ से काम करने वाले थर्मल स्कैनर से कर्मचारियों के शरीर का तापमान मापा जा रहा था। इसके लिए दफ्तर में रोज एक कर्मचारी की ड्यूटी लगाई गई थी। वह पहले तापमान नापता था, उसके बाद कर्मियों को कार्यालय में जाने दिया जाता था। इस स्कैनर को देख सुजीत ने नॉन कांटैक्ट थर्मामीटर बनाना शुरू किया। विभाग के दूसरे कर्मचारी उनकी मदद करने लगे। 10-15 दिनों की मेहनत के बाद उन्होंने इसे विकसित कर लिया। इस थर्मामीटर में सेंसर तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। उसके सामने खड़े होते ही बीप की आवाज आती है और छोटी सी स्क्रीन पर शरीर का तापमान आ जाता है। सुजीत की खोज की महकमे में काफी सराहना हो रही है। पूर्व मध्य रेलवे (East Central Railway) के महाप्रबंधक ललित चंद्र त्रिवेदी और डीआरएम अनिल कुमार मिश्रा ने उन्हें नकद पुरस्कार से नवाजा है। 

थर्मामीटर बनानेवाली टीम

जेई सुजीत, सीडीओ मुकुंद बिहारी, सिक लाइन इंचार्ज आरके दत्ता, एनजे सुभाष, शिव कुमार प्रसाद, तरुण, प्रवीण, प्रमोद व राजेंद्र।

Posted By: Mritunjay

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