धनबाद, जेएनएन। धनबाद जेल में हथियार पहुंचने और बड़ी आपराधिक घटना की साजिश की सूचना के बाद रविवार को पुलिस ने छापेमारी की। इसका नेतृत्व सिटी एसपी आर रामकुमार और एसडीएम सुरेंद्र कुमार ने किया। हालांकि पुलिस निकली तो हाथ खाली थे। सिर्फ खैनी-चूना की डिबिया और कुछ नगदी लेकर बाहर निकली। छापेमारी करीब दो घंटे तक चली। 

जेल के अंदर ही अपराध की साजिश रची जा रही है। जेल के अंदर से अपराधी रंगदारी के लिए कुछ लोगों को फोन कर रहे हैं।  ऐसी ही सूचना पर जिला पुलिस प्रशासन ने रविवार की दोपहर धनबाद मंडल कारा  में औचक छापेमारी की। छापेमारी के दौरान जेल के सभी वार्डों को  खंगाल गया। तकरीबन दो घंटे के सर्च ऑपरेशन में पुलिस मोबाइल ढूंढ रही थी। इसी बीच एक वार्ड से पुलिस को दस हजार रुपये भी हाथ लगे। सिटी एसपी, एडीएम विधि व्यवस्था, एसडीएम सीओ वीडियो डीएसपी इंस्पेक्टर समेत दर्जनों पुलिसकर्मी दोपहर 12:00 बजे के करीब जेल में घुसे और घंटो सर्च ऑपरेशन चलाने के बाद 2:30 बजे के करीब जेल से बाहर आए। छापेमारी के लिए आधा दर्जन टीम बनी थी। प्रत्येक टीम में  दर्जन भर से अधिक पुलिसकर्मी शामिल थे। 

जेल में बंद पूर्व विधायक संजीव सिंह के वार्ड को भी खंगाला गया। डीएसपी व सिटी एसपी खुद उस वार्ड में जाकर चेक किए। इसके अलावा नीरज हत्याकांड के सूटर जिस वार्ड में बंद है वहां भी पुलिस तकरीबन एक घंटे तक सर्च किया,  पर वहां भी कुछ नहीं मिला। दरअसल पुलिस का पूरा ध्यान शूटर अमन सिंह के वार्ड पर था। और उस वार्ड में पुलिस को खैनी, बीड़ी ही मिला। पुलिस मोबाइल तलाश गई थी परंतु मोबाइल नहीं मिला। जेल में छापेमारी दिन में 10:00 बजे होनी थी। पर सूचना लीक ना हो जाए, इसलिए पुलिस प्रशासन ने भी चकमा  दिया और 10:00 बजे की जगह दोपहर 12:00 बजे जेल के अंदर घुसे।

सिटी एसपी आर रामकुमार ने बताया कि जेल में रूटीन चेकिंग थी। चेकिंग के दौरान एक वार्ड से 10 हजार रुपये मिले। वही कुछ  दो-तीन वार्ड से खैनी वह थोड़ा बहुत गांजा बरामद हुआ है।

 

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