धनबाद, जेएनएन। प्लेटफॉर्म पर ट्रेन आते ही मोबाइल से स्विच ऑन और 10 मिनट में 24 कोच की पूरी ट्रेन में जलापूर्ति का काम पूरा। एक बूंद पानी नष्ट नहीं और समय की भी बचत। यह बंदोबस्त हावड़ा-नई दिल्ली के बीच गोमो जंक्शन पर की गई है। क्विक वाटरिंग सिस्टम से न केवल पानी की बचत हो रही है बल्कि पानी भरने के लिए लगने वाले 20 से 25 मिनट के बजाय 10 मिनट में ही काम पूरा होने लगा है।

डिजिटल फ्लो मीटर से मॉनिटरिंग

रेलवे ने क्विक वाटरिंग सिस्टम को स्मार्ट फोन से कनेक्ट कर दिया है। इससे पर्यवेक्षकों के साथ साथ कर्मचारियों की भाग दौड़ कम हो गयी है। ट्रेन आने पर मोबाइल से ही स्विच ऑन कर सकते हैं। इसके बाद ट्रेनों के पानी की टंकी में प्रेशर पाइप से पानी भरा जाएगा। पहले की तुलना में इसमें अब 10 मिनट ही लगेगा। टंकी फुल होते ही पानी का प्रेशर अपने आप बंद हो जाएगा। साथ ही इस सिस्टम में डिजिटल फ्लो मीटर लगे हैं। इससे पानी की खपत को मॉनिटर किया जा सकता है। 

गोमो होकर ही ओडिशा और दक्षिण बंगाल की ट्रेनें

गोमो धनबाद रेल मंडल का महत्वपूर्ण जंक्शन है। हावड़ा नई दिल्ली मुख्य मार्ग पर होने के साथ-साथ ओडिशा व दक्षिण बंगाल को जोड़ने वाली ज्यादातर ट्रेनें गोमो होकर ही चलती हैं। इस रूट पर ज्यादातर स्टेशनों में ट्रेनों में पानी भरने की सुविधा फिलहाल उपलब्ध नहीं है। यही वजह है कि इसके लिए गोमो का चयन किया गया । गोमो होकर रांची राजधानी, भुवनेश्वर राजधानी, पुरुषोत्तम, भुवनेश्वर दुरंतो , नीलांचल, नंदनकानन समेत अन्य कई महत्वपूर्ण ट्रेनें चलती हैं।

इस सिस्टम से जल संरक्षण के साथ ट्रेनों के समय पालन में भी मदद मिलेगी। नियमित ट्रेनों के चलने के दौरान इसकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

-अखिलेश कुमार पांडेय, सीनियर डीसीएम, धनबाद रेल मंडल

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