धनबाद, जेएनएन। विश्वकर्मा परियोजना में कार्य के दौरान दो दिसंबर को 49 वर्षीय भूली रेगुनी बस्ती निवासी राजू साव की तबीयत खराब हो गई थी। उनका इलाज दुर्गापुर मिशन अस्पताल में चल रहा था। इलाज के दौरान शनिवार की सुबह उनकी मौत हो गई। शव को एंबुलेंस से शनिवार को विश्वकर्मा परियोजना लाया गया।

मृतक के परिजन व कर्मी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले आश्रित को नियोजन देने की मांग को लेकर राजू के शव के साथ विश्वकर्मा परियोजना में आंदोलन करने लगे। सूचना पाकर कार्मिक प्रबंधक विभु रंजन कुमार पहुंचे। उन्होंने आचार संहिता का हवाला देते हुए फिलहाल नियोजन देने पर असहमति जताई। इससे परियोजना के कर्मी भड़क गए। कर्मियों ने प्रदर्शन करते हुए जमकर हंगामा किया। कहना था कि मृतक के परिजन को तत्काल नियोजन देना होगा। क्योंकि ड्यूटी के दौरान ही राजू की तबीयत खराब हुई थी। बाद में यूनियन नेताओं व प्रबंधन के बीच हुई वार्ता में चुनाव आचार संहिता के खत्म होते ही 24 दिसंबर को नियोजन देने पर सहमति बनी। नियोजन मृतक के बड़े पुत्र गौतम कुमार गुप्ता को देने की बात कही गई। तब कर्मी शांत हुए।

वार्ता में जनता मजदूर संघ के अरविंंद सिंह, कुंवर सिंह, बबलू सिंह, एटक के छोटू राम, शिशिर महतो, जोगेश्वर महतो, मासस के रवि सिंह, नंदलाल महतो, बीएमएस के शंभू पासवान आदि थे।

शव से लिपटकर रो रहे थे पत्नी कांति व बच्चे : मृतक राजू के शव के साथ उनके पुत्र गौतम गुप्ता, शुभम, गौरव, सौरभ व पत्नी कांति देवी आई थीं। पूरा परिवार एंबुलेंस में राजू के शव से लिपट कर रो रहा था। परिवार के लोगों के करुण क्रंदन से सभी कर्मी मर्माहत हो गए। यूनियन के लोगों, कर्मियों व स्थानीय लोगों ने दुखी परिवार को ढांढस बंधाया।

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