जागरण संवाददाता, धनबाद। झारखंड में इस साल पंचायत चुनाव होने के आसार नहीं है। नवंबर को महीना बीत चला है। अब सिर्फ दिसंबर का महीना शेष है। अगर पंचायत चुनाव की घोषणा होती है भी तो इस साल तो संपन्न नहीं होंगे। झारखंड में दिसंबर, 2020 के अंत में ही पंचायत चुनाव का समय था। लेकिन कोरोना के कारण चुनाव टाल दिया गया। उम्मीद की जा रही थी कि साल 2021 में पंचायत चुनाव हो जाएगा। इस बाबत झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने संकेत भी दिए थे। लेकिन चुनाव की घोषणा नहीं हो सकी। प्रतिपक्ष भाजपा राज्य सरकार पर चुनाव से भागने का आरोप लगा रहा है। इस बीच शनिवार को राज्य के निर्वाचन आयुक्त डा. डीके तिवारी ने धनबाद समेत राज्य के सभी जिलों के उपायुक्तों और जिला पंचायत राज पदाधिकारियों के साथ पंचायत चुनाव की तैयारियों की समीक्षी की। 

राज्य में होनेवाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। राज्य निर्वाचन आयुक्त डा. डीके तिवारी ने शनिवार को राज्य के सभी उपायुक्तों व जिला पंचायत राज पदाधिकारियों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से पंचायत चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में उपायुक्तों के सुझाव, सुरक्षा व्यवस्था, चुनाव कर्मियों एवं मतपेटी की उपलब्धता के व्यावहारिक पक्षों को देखते हुए चुनाव कराने की सहमति भी बनी।

राज्य निर्वाचन आयुक्त ने चुनाव की तैयारियों में मतदान केंद्रों का निर्धारण, सुरक्षा व्यवस्था, पदों के आरक्षण का कोटिवार प्रकाशन, मतपेटियों की उपलब्धता, मतदाता पुनरीक्षण कार्य, सुरक्षा व्यवस्था आदि की जानकारी ली। समीक्षा बैठक में बताया गया कि मतदाता सूची के मुद्रण और मतपेटियों की मरम्मत के लिए जिलों को राशि आवंटित कर दी गई है। अन्य मदों में आवश्यक राशि समय पर उपलब्ध करा दी जाएगी।

राज्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि चुनाव की तैयारियों की लगातार समीक्षा की जा रही है। सभी उपायुक्तों को मतदाता पुनरीक्षण कार्य, मतदाता सूची का प्रकाशन एवं मुद्रण कार्य को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। बता दें कि आयोग द्वारा होनेवाले पंचायत चुनाव में कोरोना से बचाव को लेकर पहले ही एसओपी जारी कर दी गई है। संभावना है कि अगले माह पंचायत चुनाव की घोषणा हो सकती है। इससे पहले इसपर राज्यपाल रमेश बैस की स्वीकृति ली जाएगी।

Edited By: Mritunjay