मोहन गोप, धनबाद : कोरोना की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में भी जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। आजादी से लेकर अब तक पहली बार टुंडी में मरीजों को इंटेंसिव केयर यूनिट (आइसीयू) की सुविधा मिल पाएगी। टुंडी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को माडल केंद्र बनाने के लिए चयनित किया गया है। यहां पीएसए आक्सीजन प्लांट लगाया जाएगा। केंद्र परिसर में इसके लिए जगह भी चिह्नित कर ली गई है। जिला महामारी रोग नियंत्रण विभाग के पदाधिकारी डा. राजकुमार सिंह ने बताया कि तीसरी लहर से निपटने के लिए प्रशासनिक और स्वास्थ विभाग की ओर से लगातार कोशिश हो रही है। इसी के तहत टुंडी के सुदूर इलाके में रहने वाले लोगों के लिए आइसीयू बेड बनने से राहत मिलेगी। 85 लीटर प्रति मिनट होगा आक्सीजन उत्पादन, बनेंगे 20 बेड

सीएससी में पीएसए प्लांट की क्षमता 50 लीटर प्रति मिनट होगी। पाइपलाइन के माध्यम से वार्ड में भर्ती मरीजों को आक्सीजन की सप्लाई की जाएगी। इसके लिए परिसर में 20 बेड का आइसीयू बेड बनाया जा रहा है। इस केंद्र के लिए अतिरिक्त चिकित्सकों और कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। इसके लिए भी रोस्टर तैयार किया जा रहा है। टुंडी तीसरा स्थान जहां लगेगा प्लांट

इससे पहले एसएनएमएमसीएच और सदर अस्पताल में पीएसए आक्सीजन प्लांट स्थापित किया गया है। अब जिले में तीसरा पीएसए प्लांट टुंडी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लगाया जा रहा। सदर और एसएनएमएमसीएच में ट्रायल भी पूरा हो गया है। अंतिम चरण का कार्य और बाकी है। वर्जन

कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए हम पूरी तरह तैयार हैं। आधारभूत संरचनाओं को मजबूत किया जा रहा है। आम लोगों से भी अपील है कि वह विभाग का सहयोग करें।

डा. राजकुमार सिंह, जिला महामारी रोग नियंत्रण विभाग, धनबाद।

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