धनबाद : जमीन अधिग्रहण संशोधन विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद विपक्ष ने सरकार को निशाने पर लिया है। पर, बिल की मंजूरी से नाराज आदिवासी सेंगेल अभियान के सदस्यों की ओर से सोमवार को एक दिवसीय झारखंड बंद का असर नहीं देखा जा रहा है। बंद का ऐलान पूर्व सासद सालखन मुर्मू ने किया है। बावजूद वे अलग-थलग पड़ गए। किसी भी राजनीतिक दल ने बंद को समर्थन नहीं दिया।

धनबाद शहर में रोज की तरह यातायात सामान्य रहा। वहीं बाजार खुले रहे। कोयला ट्रांसपोर्टिग भी होती रही। इधर दुमका जिले में बंद का कोई असर नहीं देखा गया। एहतियात के तौर पर पुलिस सजग दिखी। हालांकि कुछ देर के लिए मसलिया प्रखंड में बंद समर्थकों ने जाम लगाकर विरोध जताया। गिरिडीह जिले में बंद असरहीन रहा। कहीं भी बंद समर्थक नजर नहीं आए। यही स्थिति गोड्डा और पाकुड़ जिले में रही। बंद समर्थक सड़क पर नहीं दिखे। बोकारो में भी यातायात सामान्य रहा। बंद का कोई असर नहीं देखा गया। देवघर में बंद असरहीन रहा। आम दिनों की तरह यातायात सामान्य रहा। बाजार खुले रहे।

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप

budget2021